मुकेश मंगल, इंदौर, Cytokine Storm in COVID-19। इंदौर शहर के दो बड़े अस्पतालों में भर्ती पुलिस अफसरों के स्वजन की मौत ने डाक्टरों को हैरान कर दिया है। कोविड-19 से संक्रमित होने के कारण भर्ती हुए दोनों मरीजों ने कोरोना से तो जंग जीत ली थी लेकिन साइटोकाइन स्टार्म से जिंदगी हार गए। साइटोकाइन प्रोटीन की एक श्रृंखला है और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मदद करता है। वैसे तो कोरोना वायरस किसी रहस्य से कम नहीं है क्योंकि कई मरीजों में लक्षण नहीं होने के बाद भी फेफड़े 60 प्रतिशत संक्रमित मिले हैं। कई मरीज ऐसे भी हैं जिनमें पेट दर्द और उल्टी जैसे लक्षण होने पर कोरोना पाया गया है। अब डाक्टरों के सामने नई समस्या साइटोकाइन स्टार्म ने पैदा कर दी है।

विभिन्न अस्पतालों में कोरोना का उपचार करवा रहे कई मरीजों की मौत संक्रमण के बजाय साइटोकाइन स्टार्म से होने की पुष्टि हुई है। कुछ तो ऐसे मरीज थे जिन्हें कोरोना निगेटिव आने पर घर भेज दिया लेकिन साइटोकाइन स्टार्म के कारण दोबारा अस्पताल लाना पड़ा और उनकी मौत हो गई। डाक्टरों के मुताबिक वैसे तो साइटोकाइन घातक वायरस से संघर्ष और शरीर में पाए जाने वाले सेल्स से संवाद स्थापित करने में मदद करता है लेकिन इसकी अति सक्रियता घातक भी बन जाती है।

यह है साइटोकाइन स्टार्म : चिकित्सकों के मुताबिक कोरोना वायरस शरीर में प्रवेश करते ही सेल्स पर हमला बोलता है और कोशिकाओं को नष्ट करने के उद्देश्य से तेजी से अपनी कापी बनाने लगता है। इम्यून सिस्टम को यह संकेत मिलता है कि शरीर में वायरस ने प्रवेश कर लिया है तो वह साइटोकाइन संवाद स्थापित करता है। संक्रमित सेल्स को नष्ट होने का संकेत देता है ताकि स्वस्थ सेल्स में प्रवेश न कर सके। ऐसी स्थिति में इम्यून सिस्टम अधिक संख्या में साइटोकाइन पैदा कर देता है जिसे साइटोकाइन स्टार्म कहा जाता है। अधिक संख्या हो जाने के कारण यह फेफड़ों की स्वस्थ कोशिकाओं भी नष्ट करने लगता है।

केस-1 : सांवेर रोड स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती पुलिस अफसर के पिता को कोरोना संक्रमित होने पर भर्ती किया गया था। यहां उनकी तबीयत में सुधार हुआ और रिपोर्ट भी निगेटिव आ गई, लेकिन घर ले जाते ही स्वास्थ्य खराब हुआ और न्यूरो फिजिशियन की सलाह लेनी पड़ी। डाक्टरों ने बताया उन्हें साइटोकाइन स्टार्म आया है।

केस-2 : राजेंद्रनगर क्षेत्र स्थित एक बड़े अस्पताल में डीआइजी स्तर के अफसर की पत्नी का कोरोना के कारण निधन हो गया। सीटी स्कैन से पता चला कोविड-19 के कारण फैला संक्रमण तो कम हो गया था। आक्सीजन लेवल भी ठीक ही था लेकिन अचानक साइटोकाइन स्टार्म के कारण उनकी भी मौत हो गई।

साइटोकाइन स्टार्म के कारण तेज बुखार, शरीर में खून जमना जैसी स्थिति पैदा हो जाती है। श्वेत रक्त कोशिकाएं स्वस्थ ऊतकों पर भी हमला करने लगती हैं और फेफड़ों, हृदय, यकृत, आंतों, गुर्दा और जननांग पर प्रतिकूल असर डालती हैं। कोरोना संक्रमितों की मौत की एक वजह यह भी बन रही है। - डा. सुधीर मौर्य इंडेक्स अस्पताल

शरीर में बीमारी से लड़ने के लिए रोग प्रतिरोधक क्षमता एक सिस्टम है। इसमें कोशिकाओं से साइटोकाइन अधिक मात्रा में रिलिज होते हैं जिसके कारण मरीज को बुखार आता है। तापमान बढ़ता है, इसलिए इसे साइटोकाइन स्टार्म कहते हैं। इस कारण आइएल-6 मार्कर बढ़े हुए आते। इसी से साइटोकाइन की जानकारी मिलती है। इसमें टोसी, आइवी, आइजी जैसे ड्रग का उपयोग करते हैं। - डा. नवनीत शर्मा, सुयश अस्पताल

Posted By: Prashant Pandey

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