इंदौर। DAVV Girls Hostel देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के गर्ल्स हॉस्टल की हाउसकीपिंग एजेंसी के एक सफाईकर्मी की शर्मनाक हरकत सामने आई है। वह बाथरूम के रोशनदान से लड़कियों को नहाते हुए देखता था। इस बारे में हॉस्टल की लड़कियों ने जिम्मेदारों को जानकारी दी, लेकिन विश्वविद्यालय प्रशासन मामले को दबाने में लगा रहा। शुक्रवार को घटना का पता लगते ही छात्र संगठनों ने विश्वविद्यालय में हंगामा किया। अधिकारियों के घेराव के बाद लापरवाही बरतने वाले चीफ वार्डन को हटा दिया गया। घटना सात दिसंबर को कमला नेहरू गर्ल्स हॉस्टल में हुई। यहां की सफाई का ठेका सिक्युरिटी ब्यूरो ऑफ इंडिया को दिया गया है। प्रत्यक्षदर्शी (हॉस्टल में ही रहने वाली लड़की) के मुताबिक एक लड़की बाथरूम में गई थी। उस दौरान सफाईकर्मी अंकित तंबोली बाथरूम में झांक रहा था। उसने शोर मचाया तो वह भाग निकला। तत्काल हॉस्टल प्रबंधन को घटना बताई। वार्डन डॉ. नम्रता शर्मा ने कुलपति डॉ. रेणु जैन व अन्य अधिकारियों को बताया। वे तुरंत हॉस्टल पहुंचे और लड़कियों से बातचीत की।

इस बीच वार्डन ने फाइल तैयार कर प्रशासनिक अधिकारियों को भेज दी। इसके बाद सफाईकर्मी को तत्काल हटा दिया गया, लेकिन विश्वविद्यालय प्रशासन पूरे मामले को दबाने में लगा रहा। सूत्रों के मुताबिक जिम्मेदार तर्क दे रहे थे कि कुछ दिन पहले ही विश्वविद्यालय को 'ए+' ग्रेड मिली है। ऐसी घटना से छवि खराब हो सकती है। इसके चलते कुलपति, अधिकारियों और चीफ वार्डन ने कोई कार्रवाई नहीं की।

हर बाथरूम में पहुंचीं लड़कियां : घटना सामने आने के बाद बाथरूम में कैमरा छिपाए जाने की आशंका के चलते लड़कियों ने प्रत्येक बाथरूम में जाकर देखा। हालांकि वहां किसी भी प्रकार का कोई उपकरण नहीं मिला, लेकिन पीड़िता अभी तनाव में है।

ऐसे चला घटनाक्रम

- प्रभारी कुलपति डॉ. आशुतोष मिश्रा को जानकारी लगते ही उन्होंने घटना की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी बनाई, जिसमें डॉ. वृंदा टोकेकर, डॉ. माया इंगले और डॉ. रेखा को शामिल किया गया।

- छात्र संगठन का दबाव बढ़ने के बावजूद चीफ वार्डन डॉ. अजय तिवारी पुलिस में शिकायत करने में दिलचस्पी नहीं दिखा रहे थे। बाद में प्रभारी कुलपति के निर्देश पर वार्डन डॉ. नम्रता शर्मा ने भंवरकुआं थाने में आवेदन दिया।

- शाम को भारी विरोध के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने चीफ वार्डन डॉ. तिवारी को हटा दिया। साथ ही हॉस्टल का आनन-फानन में दौरा किया।

दो बार छात्रा से मिलने गईं कुलपति

घटना की जानकारी लगते ही कुलपति डॉ. रेणु जैन रविवार को हॉस्टल पहुंचीं, लेकिन प्रत्यक्षदर्शी और पीड़ित छात्रा से मुलाकात नहीं हुई। एक दिन बाद फिर कुलपति ने हॉस्टल का दौरा किया। कई छात्राओं से बातचीत की। उस दौरान दोनों छात्राओं से चर्चा की। सूत्रों के मुताबिक मामला दबाने के लिए उन्हें भी कुलपति ने समझाने की कोशिश की।

ज्ञापन, नारेबाजी और धरना

घटना सामने आने के बाद छात्र संगठन ने विरोध शुरू कर दिया। युवक कांग्रेस के अभिजीत पांडे और लक्की वर्मा ने डॉ. मिश्रा से मुलाकात की। उन्होंने घटना को लेकर विश्वविद्यालय के जिम्मेदारों के रवैए पर नाराजगी जताई। एनएसयूआई के उपाध्यक्ष जावेद खान हॉस्टल के विद्यार्थियों को लेकर प्रभारी कुलपति से मिले और चीफ वार्डन को हटाने की मांग की। छात्र नेता ग्रीष्मा द्विवेदी, विवेक सोनी और अखिल हार्डिया ने भी अधिकारियों को घेराव किया। दो घंटे तक कुलपति कक्ष में धरना दिया। बाद में एबीवीपी के नगर मंत्री वीरेंद्र सिंह सोलंकी करन मूलचंदानी व 50 से ज्यादा छात्र-छात्राएं आए। उन्होंने पुलिस कार्रवाई के अलावा एजेंसी को ब्लैक लिस्ट करने की मांग रखी।

जिम्मेदारों के बयान

कुलपति डॉ. रेणु जैन से सीधी बात

-हॉस्टल के बाथरूम की घटना की आपको जानकारी है?

जी... घटनाक्रम के बारे में मुझे सात दिसंबर को जानकारी मिली थी।

-विश्वविद्यालय ने क्या कार्रवाई की?

हॉस्टल का निरीक्षण किया और छात्राओं से बातचीत की।

- सफाईकर्मी की पुलिस में शिकायत करने में देरी क्यों हुई?

सफाईकर्मी का नाम नहीं पता था। इसके खिलाफ एजेंसी को पुलिस में शिकायत करने का कहा।

-विश्वविद्यालय ने छह दिन तक क्यों दबाया मामला?

पूरा मामला प्रभारी रजिस्ट्रार और चीफ वार्डन देख रहे थे।

प्रभारी रजिस्ट्रार अनिल शर्मा से सीधी बात

-हॉस्टल की घटना पर विश्वविद्यालय ने पहले कार्रवाई क्यों नहीं की?

पुलिस में शिकायत के लिए एजेंसी को कहा था। चीफ वार्डन ने इसके लिए पत्र भी लिखा था।

-सोमवार से फाइल आपके कार्यालय में रखी थी?

घटना के बाद चीफ वार्डन की फाइल आई थी। उन्होंने एजेंसी से सफाईकर्मी के बारे में जानकारी मांगी थी। वह मिलने में काफी देर हुई है।

-अभी विश्वविद्यालय ने क्या एक्शन लिया?

पुलिस में शिकायत कराने के अलावा हॉस्टल का निरीक्षण कराया जाएगा।

चीफ वार्डन डॉ. अजय तिवारी से सीधी बात

-घटना के बाद विश्वविद्यालय ने शिकायत क्यों नहीं की?

सफाईकर्मी गायब हो चुका था। उसके बारे में कोई जानकारी नहीं थी।

-जानकारी निकालने में पांच दिन लग गए?

एजेंसी के पास भी डिटेल समय पर नहीं मिली थी। वैसे भी शिकायत करने के लिए उन्हें कहा था। शिकायत की कॉपी भी मांगी थी।

-आपने आज भी शिकायत नहीं करवाई, क्या वजह थी?

घटना गर्ल्स हॉस्टल की थी। इसलिए वहां की वार्डन ने पुलिस थाने में आवेदन दिया है।

बदलेंगे व्यवस्था

कमेटी बनाने के अलावा अब हाउसकीपिंग एजेंसी को ब्लैक लिस्ट करने की तैयारी चल रही है। विश्वविद्यालय ने पुलिस में शिकायत करवाई है। चीफ वार्डन को जांच चलने तक हटा दिया है। अब हॉस्टल की व्यवस्थाओं में बदलाव किया जाएगा। - डॉ. आशुतोष मिश्रा, प्रभारी कुलपति, डीएवीवी

Posted By: Nai Dunia News Network

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