DAVV Indore: इंदौर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय में मूल्यांकन में गड़बड़ी का मामला सामने आया है। यहां एमबीए के एक छात्र के रिजल्ट और उत्तरपुस्तिका में 60 अंकों का अंतर मिला है। छात्र का दावा है कि मूल्यांकनकर्ता ने जांचने के बाद उत्तरपुस्तिका पर 68 अंक दिए हैं, जबकि रिजल्ट में सिर्फ आठ अंक मिले हैं। एटीकेटी आने से छात्र की स्कालरशिप रुक गई। छात्र की शिकायत के बाद विश्वविद्यालय अब पूरे मामले की जांच में जुट गया है। वहीं, गड़बड़ी का पता लगाने के लिए कंप्यूटर और मूल्यांकन केंद्र के जिम्मेदारों से चर्चा की जाएगी।

दरअसल, मामला अटल बिहारी वाजपेयी शासकीय कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय से एमबीए करने वाले दिव्यांग छात्र गोविंद पुरी से जुड़ा है। गोविंद का कहना है कि वह एमबीए फारेन ट्रेड सेकंड सेमेस्टर का छात्र है। उसे फाइनेंशियल मैनेजमेंट विषय में सिर्फ आठ अंक आए हैं। रिव्यू का आवेदन करने के बाद उत्तरपुस्तिका देखी, जिसमें 68 अंक मिले हैं। इसे लेकर मूल्यांकन केंद्र में भी चर्चा की गई। इसके बाद परीक्षा नियंत्रक डा. अशेष तिवारी को लिखित में शिकायत की है।

लापरवाही के कारण अटकी छात्रवृत्ति - छात्र का कहना है कि एटीकेटी आने से उसकी छात्रवृत्ति रुक गई है। छात्रवृत्ति आवेदन में संशोधन करने की अंतिम तारीख 5 दिसंबर है। वैसे एमबीए करने के लिए उसने एजुकेशन लोन भी लिया है। अब उसकी किस्तें चुकाने का आर्थिक बोझ बढ़ गया है। परीक्षा नियंत्रक डा. अशेष तिवारी का कहना है कि छात्र को मूल्यांकन केंद्र प्रभारी से पत्र लाने को कहा है। पूरे मामले में जांच करवाई जाएगी कि विद्यार्थी के अंक रिजल्ट में चढ़ाने में कहां गलती हुई है। वैसे उत्तरपुस्तिका भी देखी जाएगी।

डा. ठाकुर नए परीक्षा नियंत्रक

जीएसीसी से रिलीव हुए डा. एसएस ठाकुर ने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय में सोमवार को ज्वाइंनिंग दी है। वे विश्वविद्यालय के नए परीक्षा नियंत्रक होंगे। अगले दो दिनों तक डा. अशेष तिवारी के साथ मिलकर वे परीक्षा नियंत्रक से जुड़े कार्यों को समझेंगे।

Posted By: Hemraj Yadav

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