DAVV Indore : इंदौर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। छात्र-छात्राओं को कोर्स पूरा होने से पहले नौकरी मिल जाए, इस दिशा में देवी अहिल्या विश्वविद्यालय की सेंट्रल प्लेसमेंट सेल (सीपीसी) ने काम करना शुरू कर दिया है। आइईटी के फाइनल ईयर के विद्यार्थियों को नौकरियां देने के लिए कंपनियां कतार में हैं। लगभग दर्जनभर कंपनियां जून में विश्वविद्यालय में कदम रखने वाली हैं। यह पहला मौका है जब विश्वविद्यालय में जून में प्लेसमेंट से जुड़ी गतिविधियां शुरू होंगी।

सत्र 2021-22 की प्लेसमेंट रिपोर्ट विश्वविद्यालय ने सार्वजनिक कर दी है, जिसमें 1300 में से 1265 विद्यार्थियों को नौकरी लग चुकी है। प्लेसमेंट बेहतर करने के लिए विश्वविद्यालय ने व्यवस्था बदल दी है। कुलपति डा. रेणु जैन ने फाइनल ईयर के विद्यार्थियों के लिए सालभर पहले से नौकरियों के अवसर ढूंढने के निर्देश दिए हैं। आमतौर पर सितंबर-अक्टूबर से कंपनियां इंटरव्यू करने आती हैं। मगर सत्र 2022-23 में उत्तीर्ण होने वाले विद्यार्थियों के लिए जून में कंपनियां आएंगी। शुरुआत आइटी, कंप्यूटर साइंस, कंप्यूटर डांटा साइंस पढ़ने वाले विद्यार्थियों से होने वाली है। जून-जुलाई के बीच 12 कंपनियों ने प्लेसमेंट शेड्यूल बना लिया है। ये कंपनियां मुंबई, दिल्ली, गुड़गाव और बेंगलुरु बेस्ड हैं।

आइटी क्षेत्र में बढ़ी नौकरियों की संभावनाएं - सीपीसी के प्रभारी डा. गोविंद माहेश्वरी ने बताया कि बीई, एमसीए, एमटेक के विद्यार्थियों के लिए आइटी कंपनी प्लेसमेंट करेंगी। कोरोनाकाल में आइटी क्षेत्र में नौकरियों की संभावनाएं बढ़ गई हैं। इसके चलते कंपनियां विद्यार्थियों के कोर्स पूरा होने तक भी नहीं रुक रही हैं। पहले आफर देकर अच्छे विद्यार्थियों को कंपनी नौकरी देने में लगी है।

आक्सफोर्ड विश्वविद्यालय में शोध करेंगे एसजीएसआइटीएस के प्रोफेसर

इंदौर। श्री गोविंदराम सेकसरिया तकनीकी और विज्ञान संस्थान (एसजीएसआइटीएस) के फार्मेसी विभाग के प्रोफेसर डा. ओमप्रकाश तंवर को एसईआरबी इंटरनेशनल रिसर्च एक्सपीरियंस (एसआइआरई) से सम्मानित किया गया है। यह फैलोशिप भारत सरकार के विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) के तहत एक सांविधिक निकाय विज्ञान और इंजीनियरिंग अनुसंधान बोर्ड (एसईआरबी) द्वारा दी जाती है। यह फैलोशिप भारत में बहुत कम वैज्ञानिकों को दी जाती है। डा. ओमप्रकाश अगली पीढ़ी के एंटीबायोटिक दवाओं की खोज पर शोध करेंगे, जो एंटीबायोटिक प्रतिरोध के विकास को रोक सकती है। एंटीबायोटिक प्रतिरोध एक बड़ी सामुदायिक समस्या है। वह अपना शोध आक्सफोर्ड विश्वविद्यालय में डा. थामस लैनियन-हाग के साथ करेंगे। वे छह माह नए अणुओं को विकसित करने में बिताएंगे। इनका आक्सफोर्ड विश्वविद्यालय में परीक्षण किया जाएगा।

Posted By: Hemraj Yadav

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