DAVV Indore: इंदौर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। सालभर से कागज नहीं खरीदने के चलते इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के सामने उत्तरपुस्तिका को लेकर संकट खड़ा हो गया है। दिसंबर के दूसरे सप्ताह से परीक्षा का अगला दौर शुरू होगा। ऐसे में विद्यार्थियों के लिए विश्वविद्यालय के पास 60 हजार कापियां शेष हैं। इसके चलते विश्वविद्यालय की चिंताएं बढ़ने लगी हैं। बीच का रास्ता निकालते हुए अधिकारियों ने तैयार कोरी उत्तरपुस्तिकाएं खरीदने का फैसला किया है। वहीं कुछ अधिकारी कागज खरीदकर कापियां बनाने पर जोर दे रहा हैं। हालांकि, विश्वविद्यालय ने दोनों प्रस्ताव बनाए है। अगली कार्यपरिषद में इन्हें रखा जाएगा।

12 दिसंबर से विश्वविद्यालय ने एमए, एमकाम, एमएससी, एमजे, एमएसडब्ल्यू थर्ड सेमेस्टर की परीक्षाएं रखी हैं। इसके बाद यूजी फर्स्ट ईयर की पूरक और विशेष परीक्षा, एलएलबी, बीएएलएलबी, बीकाम एलएलबी सहित अन्य कोर्स के पेपर होंगे। दिसंबर में करीब 40 हजार विद्यार्थियों की परीक्षा होगी। मगर विश्वविद्यालय के पास स्टाक में 60 हजार कापियां ही शेष हैं।

विश्वविद्यालय की शर्त पर एजेंसी ने ली आपत्ति - अधिकारियों के मुताबिक, फरवरी 2022 में कागज खरीदा जाना था, जिसमें एजेंसी को अपने नमूने के सैंपल की खुद को टेस्टिंग करवानी थी। विश्वविद्यालय की इस शर्त पर आपत्ति उठाई गई। फिर टेंडर निरस्त कर नई शर्तों को जोड़ा। कागज सप्लाई करने के लिए एजेंसी ने पिछली बार से दोगुनी दरें बताई।विश्वविद्यालय ने इसके आधार पर टेंडर फिर निरस्त कर दिया। अधिकारियों के मुताबिक, कागज खरीदकर कापियां बनाने में विश्वविद्यालय का अधिक समय बर्बाद होगा। ऐसे में विश्वविद्यालय को सीधे तैयार कापी खरीदनी चाहिए।

चार दर्जन कोर्स की परीक्षाएं - दिसंबर से जनवरी के बीच चार दर्जन यानी 48 विभिन्न पाठ्यक्रम की परीक्षाएं करवाई जानी हैं, जिसमें 80-90 हजार छात्र-छात्राएं शामिल होंगे। इसके लिए विश्वविद्यालय को कम से कम चार से पांच लाख कापियों की जरूरत है। जल्द फैसला नहीं लिया गया तो विश्वविद्यालय को परीक्षाएं आगे बढ़ाना पड़ सकती हैं। प्रभारी रजिस्ट्रार अनिल शर्मा का कहना है कि कागज और उत्तरपुस्तिका खरीदने का प्रस्ताव बन चुका है। अगले सप्ताह वित्त समिति की बैठक में प्रस्ताव पर चर्चा की जाएगी। उसके बाद कार्यपरिषद में टेंडर रखा जाएगा।

Posted By: Hemraj Yadav

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