DAVV Indore : इंदौर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। नान सीईटी के माध्यम से देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के विभागों में प्रवेश के लिए रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। विश्वविद्यालय ने कुछ पाठ्यक्रम को नान सीईटी से जोड़ दिया है। इसमें आइएमएस से संचालित दो वर्षीय एमबीए अस्पताल प्रबंधन, बीवाक इन एक्सपोर्ट-इम्पोर्ट, डिप्लोमा कंप्य्टूर प्रोफिसेंसीय, डिप्लोमा इन कंप्यूटर एप्लीकेशन एंड पर्सनालिटी डेवलपमेंट, सर्टिफिकेट इन सिंधी भाषा और लेबर लॉ शामिल हैं। इन पाठ्यक्रम में 30 से लेकर 50 सीटें रखी हैं। देवी अहिल्या विश्वविद्यालय ने इस बार इन कोर्सों की रजिस्ट्रेशन फीस नहीं बढ़ाई है।

नान सीईटी में रजिस्ट्रेशन 10 जून तक किए जाएंगे। विद्यार्थियों को आवेदन करने के साथ ही शैक्षणिक योग्यता, जाति प्रमाण पत्र सहित अन्य दस्तावेज भी अपलोड करने होंगे। सामान्य वर्ग के विद्यार्थियों को 750 रुपये और एसटी-एससी के छात्र-छात्राओं को 400 रुपये शुल्क जमा करना होगा। 90 पाठ्यक्रम की 1800 सीटों के लिए काउंसलिंग 15 जून के बाद शुरू होगी, क्योंकि विश्वविद्यालय प्रशासन को 30 जून तक काउंसलिंग का पहला चरण पूरा करना है, ताकि 1 जुलाई से विद्यार्थियों की कक्षा लगाई जा सके। विश्वविद्यालय प्रशासन चाहता है कि कोरोनाकाल के बाद इस बार कक्षाएं जल्दी शुरू की जाए।

ताकि डाक्टर-डेंटिस्ट ले सकें प्रवेश - एमबीए अस्पताल प्रबंधन पहली बार नान सीईटी में शामिल हुआ है। अधिकारियों के मुताबिक एमबीए अस्पताल प्रबंधन में प्रवेश की पात्रता में डाक्टर, डेंटिस्ट, नर्सिंग और फिजियो थैरेपी व फार्मेसी कर चुके उम्मीदवारों को प्राथमिकता देना है, लेकिन सीयूईटी पूरी तरह प्रोफेशनल कोर्स में प्रवेश से जुड़ी परीक्षा है। इसमें मेडिकल शिक्षा से जुड़े प्रश्न नहीं होंगे। ऐसे में ये उम्मीदवार परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन नहीं कर सकेंगे। इसके चलते विश्वविद्यालय द्वारा इन्हें नान सीईटी से अस्पताल प्रबंधन पाठ्यक्रम में प्रवेश दिया जा रहा है ताकि डाक्टर और डेंटिस्ट आसानी से प्रवेश ले सकें। साथ ही आइएमएस का एमबीए एक्जीक्यूटिव पाठ्यक्रम भी नान सीईटी में शामिल है।

Posted By: Hemraj Yadav

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