DAVV Indore : कपिल नीले, इंदौर (नईदुनिया)। देवी अहिल्या विश्वविद्यालय की विभिन्न अध्ययनशालाओं से संचालित 90 पाठ्यक्रमों में नान सीईटी के माध्यम से विद्यार्थियों को प्रवेश दिया जा रहा है। इस प्रक्रिया से प्रवेश देने का यह अंतिम वर्ष है, क्योंकि विश्वविद्यालय प्रशासन इन पाठ्यक्रमों को भी कामन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (सीयूईटी) से जोड़ने पर विचार कर रहा है। अधिकांश विभागाध्यक्षों ने इसके लिए सहमति दे दी है। अब विश्वविद्यालय प्रशासन अपनी प्रवेश से जुड़ी नीतियों में बदलाव करेगा। तीन महीने में प्रस्ताव बनाना है। उसके बाद मुद्दे को कार्यपरिषद में रखा जाएगा। अधिकारियों के अनुसार अगले वर्ष से मात्र एक ही प्रवेश प्रक्रिया लागू होगी।

विश्वविद्यालय की 27 अध्ययनशालाओं से संचालित 134 पाठ्यक्रमों के लिए अलग-अलग तरह से प्रवेश प्रक्रिया अपनाई जा रही है। इसमें 14 विभागों के 44 पाठ्यक्रमों में सीयूईटी से प्रवेश दिए जाएंगे, जबकि 26 विभागों के 90 पाठ्यक्रमों के लिए नान सीईटी रखी गई है। प्रवेश के लिए एक प्रक्रिया अपनाने पर विभागाध्यक्ष जोर दे रहे हैं। उनका मानना है कि जब नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) करीब 80 संकायों के पाठ्यक्रमों के लिए सीयूईटी करवा रही है, जिसमें विश्वविद्यालय के विज्ञान, कला और वाणिज्य संकायों के स्नातक-स्नातकोत्तर विषय शामिल हैं। डीएवीवी को नान सीईटी वाले 90 पाठ्यक्रम को प्रवेश प्रक्रिया से जोड़ देना उचित रहेगा। ऐसा करने से विश्वविद्यालय में एक ही प्रकार से प्रवेश प्रक्रिया अपनाई जाएगी। इसके कारण प्रक्रिया में पारदर्शिता भी रहेगी। कुछ विभागाध्यक्षों ने कहा कि सीयूईटी होने से प्रवेश प्रक्रिया के दौरान उठने वाले विवाद भी शांत होंगे। साथ ही नेताओं के करीबियों को प्रवेश देने के लिए दवाब भी नहीं झेलना होगा।

प्रवेशार्थियों के बढ़ेंगे आवेदन - सीयूईटी से जुड़े विश्वविद्यालय के 26 स्नातक पाठ्यक्रमों के लिए अब तक 70 हजार आवेदन आ चुके हैं। इसमें पंजीयन का 22 मई को आखिरी दिन है। 18 स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में पंजीयन के लिए जून के दूसरे सप्ताह तक का समय है। अधिकारियों के अनुसार विश्वविद्यालय बीस वर्ष से इन पाठ्यक्रमों के लिए सीईटी करवा रही थी। उसमें मात्र 16-17 हजार आवेदन आते थे। यह पहला अवसर है जब इतनी बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने रुचि दिखाई है। इन आंकड़ों को देखकर अब विश्वविद्यालय शेष 90 पाठ्यक्रमों को भी सीयूईटी से जोड़ने की तैयारी कर रहा है। इससे इन पाठ्यक्रमों के लिए भी आवेदन बढ़ने की उम्मीद है। अभी नान सीईटी में 7-8 हजार छात्र-छात्राएं प्रवेश लेने में रुचि दिखाते हैं।

डिप्लोमा और सर्टिफिकेट होंगे अलग - विभागाध्यक्षों की राय है कि नान सीईटी से सर्टिफिकेट, डिप्लोमा, पीजी डिप्लोमा, स्नातक और स्नातकोत्तर पाठ्यकमों में प्रवेश दिया जाता है। स्नातक और स्नातकोत्तर तो सीयूईटी में जुड़ सकते है, जबकि सर्टिफिकेट और डिप्लोमा कोर्स की सीटें विभाग अपने स्तर पर भरने में रुचि दिखा रहे हैं।

मिलेंगे देशभर के विद्यार्थी - देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के नान सीईटी कमेटी के प्रभारी डा. आशुतोष मिश्रा का कहना है कि अगले वर्ष शेष विषय भी सीयूईटी से जोड़ेंगे। इसके लिए यूजीसी की गाइडलाइन और नीति में संशोधन का इंतजार कर रहे हैं। वैसे विश्वविद्यालय के विभाग नान सीईटी वाले पाठ्यक्रम भी सीयूईटी में शामिल करने को तैयार हैं। ऐसा करने से देशभर के विद्यार्थी यहां पढ़ने आ सकेंगे।

Posted By: Hemraj Yadav

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