DAVV Indore: इंदौर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। विद्यार्थियों के भविष्य को देखते हुए स्नातक प्रथम वर्ष की परीक्षा में लीक हुए पेपर देवी अहिल्या विश्वविद्यालय दोबारा करवा सकता है। कुलपति सहित कई अधिकारी भी इस पक्ष में नजर आ रहे हैं, लेकिन अभी समिति की जांच पूरी नहीं हुई है। रिपोर्ट आने का इंतजार किया जा रहा है। वैसे जून के पहले सप्ताह तक पेपर लीक मामले में फैसला लिया जा सकता है। उधर, जांच रिपोर्ट में पेपर किस जगह से आउट हुआ है, यह भी सदस्यों को बताना होगा, ताकि विश्वविद्यालय दोषियों पर कार्रवाई कर सके।

10 मई से बीए, बीकाम, बीएससी प्रथम वर्ष की परीक्षा शुरू हुई। पहले दिन ही पेपर आउट हुए। विद्यार्थियों को परीक्षा प्रारंभ होने से घंटेभर पहले ही वाट्सएप-टेलीग्राम पर मिल गए। पेपर लीक होने की जानकारी विश्वविद्यालय के अधिकारियों तक पहुंची, लेकिन दस दिन तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके चलते तीन से चार पेपर आउट हो गए। विद्यार्थियों ने पेपर लीक होने की शिकायत परीक्षा नियंत्रक डा. एसएस ठाकुर से की। इसके बाद विश्वविद्यालय हरकत में आया है। तीन सदस्यों की समिति बनाई है।

पेपर खोलते समय का वीडियो मांगा

पेपर विश्वविद्यालय की प्रेस में प्रकाशित होते हैं। उसके बाद कर्मचारी इन्हें परीक्षा केंद्रों तक पहुंचते हैं, लेकिन उससे पहले नजदीकी थाने पर इन्हें रखा जाता है। परीक्षा से घंटेभर पहले केंद्र अध्यक्ष इन्हें थाने से लाते हैं। इस वजह से प्रेस से लेकर थाने और परीक्षा केंद्र तक प्रत्येक व्यक्ति पर विश्वविद्यालय की समिति संदेह जताने में लगी है। अब परीक्षा केंद्रों से पेपर खोलते समय का वीडियो मांगा है।

कुलपति भी दोबारा परीक्षा करवाने के पक्ष में

उधर, कुलपति डा. रेणु जैन ने परीक्षा-गोपनीय विभाग के अधिकारियों से पूरे मुद्दे पर चर्चा की है। उन्होंने कहा बीकाम-बीए के जिन विषय के पेपर आउट हुए हैं, उनकी दोबारा परीक्षा करवाई जाएगी। कुलपति डा. रेणु जैन का कहना है कि समिति की रिपोर्ट आना बाकी है। वैसे दोबारा पेपर करवाए जाने पर जोर दिया जा रहा है।

Posted By: Hemraj Yadav

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