DAVV Indore : इंदौर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। कर्मचारियों की कमी की वजह से इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय की व्यवस्था बिगड़ गई है। मार्कशीट-डिग्री ट्रांसक्रीप्ट और माइग्रेशन बनाने में विश्वविद्यालय प्रशासन को काफी समय लग रहा है। इसके लिए छात्र-छात्राओं को 15 दिनों तक इंतजार करना पड़ रहा है। कुछ विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए विदेशी संस्थानों में दस्तावेज प्रस्तुत करने हैं तो कुछ को कंपनियों में नौकरियों के लिए दस्तावेज देने हैं। जल्द प्रमाण पत्र मिल सके इसके लिए विद्यार्थी अधिकारियों से गुहार लगा रहे हैं।

दरअसल परीक्षा, शैक्षणिक, गोपनीय और मूल्यांकन से जुड़े विभागों के 80 से अधिक कर्मचारियों की चुनाव ड्यूटी लगी है। इसके चलते कर्मचारियों की कमी से विद्यार्थियों से जुड़े काम प्रभावित हो रहे हैं। सप्ताहभर में बनने वाली मार्कशीट-डिग्री को विश्वविद्यालय 15 दिन में दे रहा है। उसके लिए भी विद्यार्थियों को अधिकारियों के चक्कर लगाना पड़ते हैं। अधिकारियों के मुताबिक विश्वविद्यालय के कई कर्मचारियों की ड्यूटी चुनावी कार्य के लिए लगी है। इसके कारण अभी तक डेढ़ से दो हजार डिग्री, डुप्लीकेट मार्कशीट, माइग्रेशन पेंडिंग हैं।

नहीं किया रिलीव - राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू करने वाला मध्य प्रदेश पहला राज्य है। स्नातक प्रथम वर्ष की परीक्षा को लेकर योजना बनाने में थोड़ा समय लगा। इसके चलते परीक्षाएं प्रभावित हो गई। इस बीच चुनाव की घोषणा भी की गई। उच्च शिक्षा विभाग ने सभी विश्वविद्यालय को चुनाव से पहले परीक्षा करवाने का बोला है। यही वजह है कि इन दिनों बीए, बीकाम और बीएससी की परीक्षा करवाई जा रही है। मगर कर्मचारियों की कमी से व्यवस्था गड़बड़ गई है। बीते दिनों विश्वविद्यालय ने कुछ कर्मचारियों को चुनाव की ड्यूटी से रिलीव करने के लिए कलेक्टर को पत्र भी लिखा था। मगर किसी को भी रिलीव नहीं किया है। प्रभारी कुलसचिव अनिल शर्मा का कहना है कि परीक्षा को लेकर दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों की मदद ली जा रही है।

Posted By: Hemraj Yadav

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