इंदौर, नईदुनिया प्रतिनिधि, DAVV Indore News। प्रदेशभर में एक अगस्त से यूजी-पीजी सहित एनसीटीई व लॉ कोर्स में प्रवेश प्रक्रिया शुरू होने वाली है। ठीक उसे पहले उच्च शिक्षा विभाग ने तीन और कालेजों को अल्पसंख्यक का दर्जा दे दिया है यानी इन कालेजों में विद्यार्थी आवेदन देकर सीधे दाखिला ले सकेंगे। तीन में से दो कालेज देवी अहिल्या विश्वविद्यालय (डीएवीवी) के दायरे में आते हैं। इन्हें मिलाकर अल्पसंख्यक कालेजों की संख्या चालीस पहुंच चुकी है। इंदौर-महू के एक-एक निजी कालेज शामिल है।

प्रदेशभर में 1400 कालेजों से संचालित यूजी-पीजी कोर्स में एक अगस्त से प्रवेश होंगे, जिसमें आनलाइन -आफलाइन दोनों प्रक्रिया शामिल है। एमपी बोर्ड और सीबीएसई दोनों ने 12वीं का रिजल्ट घोषित कर दिया है। इसके चलते छात्र-छात्राएं जल्द आवेदन कर सकेंगे।। प्रत्येक वर्ष करीब 14 लाख विद्यार्थी कालेजों में प्रवेश लेते है। जानकारों के मुताबिक इस बार पहले चरण में 30 प्रतिशत सीटें भरने की उम्मीद है। डीएवीवी के दायरे में लगभग 260 कालेज है, जिसमें 40 सरकारी और बाकी 220 निजी कालेज है। यहां करीब सवा तीन लाख विद्यार्थियों दो महीने के भीतर प्रवेश लेंगे।

बीए,बीकाम,बीएससी, बीबीए,बीसीए, एलएलबी, बीएएलएलबी,बीकामएलएलबी, एलएलएम, एमकाम, एमए, एमएससी, एमएड-बीएड सहित चार दर्जन से ज्यादा कोर्स शामिल है। विभाग ने तीन चरणों की काउंसिलिंग का शेड्यूल निकाला है। जिले में आठ इंदौर, एक महू में सरकारी कालेज है। जबकि 100 से ज्यादा निजी कालेज है। विश्वविद्यालय के अधिकारियों के मुताबिक सत्र 2019-20 तक 36 कालेजों को अल्पसंख्यक का दर्जा था, लेकिन बीते साल के आवेदनों को लेकर उच्च शिक्षा विभाग ने मंजूरी दी है। चार कालेज इस बार अल्पसंख्यक में जुड़ गए है। इनकी संख्या चालीस तक पहुंच चुकी है।

Posted By: gajendra.nagar

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