इंदौर, नईदुनिया प्रतिनिधि,DAVV Indore News। अंग्रेजी संकाय की समिति भंग होने से शोधार्थी ब तक शोध कार्य शुरू नहीं कर पाए हैं। दो साल से परेशान शोधार्थियों की परेशानी अब दूर हो गई है। संकाय की समिति पिछले दिनों विश्वविद्यालय ने बना ली है। अब महीनों से इंतजार कर रहे शोधार्थियों को 21 जनवरी तक शोध विषय के बारे में दस्तावेज भाषा अध्ययनशाला में जमा करवाना है ताकि 22 जनवरी को पीएचडी के लिए रखी रिसर्च डिपार्टमेंट कमेटी (आरडीसी) के तहत् शोधार्थियों के इंटरव्यू करवाए जा सकें। फिलहाल 25 शोधार्थियों ने शोध विषय की जानकारी जमा करवा दी हैं।

डीईटी 2017 पास कर चुके शोधार्थी ने जनवरी 2018 में कोर्स वर्क पूरा कर लिया था। मगर अंग्रेजी संकाय की समिति में विवाद खड़ा हो गया। दो साल तक डीन नियुक्त नहीं हो सकें। इसके चलते अब तक शोधार्थी पीएचडी शुरू नहीं कर सकें। जिसमें जम्मू-कश्मीर से आए 20 से ज्यादा शोधार्थी शामिल हैं। इन्होंने कई बार कुलपति से पीएचडी में देरी को लेकर शिकायत दर्ज करवाई।

सूत्रों के मुताबिक डीन को लेकर मामला कोर्ट तक जा पहुंचा था। इस बीच दो सत्र के शोधार्थियों के शोध कार्य रुके रहें। इनकी संख्या करीब 50 तक पहुंच गई है। मामले निपटने के बाद अब विश्वविद्यालय प्रशासन ने पीएचडी शुरू करने का फैसला लिया है। अंग्रेजी विषय की समिति व डीन पिछले सप्ताह बने हैं। इसके आधार पर भाषा अध्ययनशाला ने आरडीसी बुलाई है। मगर इसे पहले शोधार्थियों को अपने-अपने विषय की समरी 21 जनवरी तक विभाग में जमा करवाना है। विभागाध्यक्ष डॉ. रेखा आचार्य ने 22 जनवरी को आरडीसी के तहत् इंटरव्यू बुलाए हैं। उनका कहना है कि ऑफलाइन और ऑनलाइन के माध्यम से शोधार्थियों के इंटरव्यू लिए जाएंगे। इसमें क्वालीफाई करने वाले उम्मीदवारों की सूची विभाग चार दिन में घोषित कर देगा।

Posted By: gajendra.nagar

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