इंदौर, नईदुनिया प्रतिनिधि, DAVV Indore। देवी अहिल्या विश्वविद्यालय (डीएवीवी) में शिक्षकों को लेकर स्थिति बहुत खराब है। अध्ययनशालाओं से लगातार शिक्षक सेवानिवृत्त और प्रतिनियुक्ति पर जा चुके है। विश्वविद्यालय में शिक्षक-विद्यार्थियों का अनुपात काफी गड़बड़ाया हुआ है। कारण यह है कि 2010 के बाद से विश्वविद्यालय में एक भी शिक्षकों की नियुक्तियां नहीं की गई है। करीब 220 पद खाली है, जिन्हें भरने के लिए कई बार प्रयास किए गए। मगर प्रक्रिया को बीच में रोकना पड़ा है। वैसे इन दिनों विजिटिंग फैकेल्टी के भरोसे विभाग चल रहे हैं। खासबात यह है कि 31 अक्टूबर को दो ओर प्रोफेसर सेवानिवृत्त होने वाले है।

बीते आठ साल में विश्वविद्यालय से प्रतिनियुक्ति पर कई शिक्षक अन्य संस्थानों में जा चुके है, जिसमें डा. एमएस परमार, डा. जयंत सोनवलकर, डा. रजनीश जैन सहित अन्य शिक्षक शामिल है। कुशाभाऊ ठाकरे विश्वविद्यालय से इस्तीफा देने के बाद डा. परमार सेवानिवृत्त हुए। जबकि इस साल संक्रमण से विश्वविद्यालय के तीन शिक्षकों की मौत हो चुकी है। डा. निरंजन श्रीवास्तव, डा. पंकज चौहान और डा. ललित इंगले है। वही इस साल प्रो. प्रतिभा सेन, डा. शीला जोशी, डा. केएन माहेश्वरी, डा. एवी बजाज और डा. पीएन मिश्रा सेवानिवृत्त होने वाले है। अधिकारियों के मुताबिक विश्वविद्यालय में 55 प्रतिशत शिक्षकों के पद खाली है। 220 नियमित व सेल्फ फाइनेंस और 47 बैकलाग पद शामिल है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने जून में बैकलाग पदों को भरने के लिए आवेदन मांगवाए थे। 22 अगस्त तक 47 पदों के लिए 450 उम्मीदवारों ने बायोडेटा भेजा है। मगर प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ गई है। इन दिनों आवेदनों की स्क्रूटनी करवाना बताया है। उसके बाद नियमित और सेल्फ फाइनेंस पदों पर नियुक्तियां होगी।


डा. आहूजा नए विभागाध्यक्ष

31 अक्टूबर को इकोनामिक्स विभाग के विभागाध्यक्ष डा. मिश्रा और गणित विभाग से डा. बजाज सेवानिवृत्त होंगे। मगर विश्वविद्यालय ने शुक्रवार को डा. कन्हैया अहूजा को इकोनामिक्स का नया विभागाध्यक्ष नियुक्त कर दिया है। विश्वविद्यालय ने आदेश भी जारी कर दिया है। वे 25 साल से विभाग में सेवाएं दे रहे हैं। इन दिनों डा. अहूजा को सीईटी की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।

Posted By: gajendra.nagar

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