DAVV Indore: इंदौर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। इंदौर का देवी अहिल्या विश्वविद्यालय शोध करवाने के लिए नए गाइड और सुपरवाइजर की तलाश में जुटा है। विश्वविद्यालय ने इनके पंजीयन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। 15 दिनों के भीतर कालेजों में पढ़ाने वाले शिक्षकों को आवेदन करना है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने पंजीयन से पहले शिक्षकों से जानकारी मांगी है। इसका प्रारूप गूगल फार्म पर उपलब्ध करवाया है। वहीं, शैक्षणिक विभाग ने विभागों से पीएचडी की रिक्त सीटों का ब्योरा मांगा है। अधिकारियों के मुताबिक, डाक्टोरल एंट्रेंस टेस्ट (डीईटी)-23 फरवरी-मार्च के बीच करवाई जाएगी।

सालभर के भीतर विश्वविद्यालय को दो मर्तबा पीएचडी प्रवेश परीक्षा करवानी है। पिछली बार अप्रैल-22 में 1100 सीटों के लिए परीक्षा हुई थी। विश्वविद्यालय ने पहले दिसंबर में डीईटी का दूसरा चरण करवाने पर जोर दिया, मगर पीएचडी से जुड़े नियम में कुछ बदलाव हुआ है। इसके कारण पीएचडी प्रवेश समिति ने कुछ महीनों के लिए प्रक्रिया आगे बढ़ा दी। कई विषयों में गाइड की संख्या कम होने से विश्वविद्यालय ने नए सुपरवाइजर को जोड़ने पर विचार किया है। 2018 से पहले पीएचडी करने वालों को सुपरवाइजर बनाया जाएगा। विश्वविद्यालय ने पंजीयन के लिए फार्म में 14 बिंदुओं पर जानकारी मांगी है। इनमें नाम, संस्थान, जन्म तारीख, सेवानिवृत्ति वर्ष, सीटों के आवंटन की संख्या शामिल है। आवेदन भरकर शिक्षकों को फरवरी के पहले सप्ताह तक देना है।

शोधार्थियों के लिए रिक्त सीटों की संख्या होगी जारी

अधिकारियों के मुताबिक, कितने विद्यार्थियों को पीएचडी में मदद कर सकेंगे, शिक्षकों को यह जानकारी भी देना है। उसके आधार पर सुपरवाइजर की सीटें रखी जाएंगी। रजिस्ट्रार अजय वर्मा का कहना है कि पीएचडी सुपरवाइजर की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शोधार्थियों के लिए रिक्त सीटों की संख्या जारी करेंगे। उसके आधार पर डीईटी करवाई जाएगी। अगले महीने प्रवेश परीक्षा को लेकर बैठक रखेंगे।

Posted By: Hemraj Yadav

NaiDunia Local
NaiDunia Local
  • Font Size
  • Close