इंदौर (नईदुनिया प्रतिनिधि), DAVV Indore। देवी अहिल्या विश्वविद्यालय की योग अध्ययनशाला में सोमवार से छह सप्ताह के आनलाइन योग प्रशिक्षण पाठ्यक्रम की शुरुआत हुई। सुबह 6.30 से 8.30 बजे तक दो घंटे की कक्षा में प्रशिक्षणार्थियों को योग का महत्व बताते हुए विभिन्न् योगासनों को करने का सही तरीका, कौन सा आसन कितनी देर करना चाहिए, किन बीमारियों में कौन सा आसन करना फायदेमंद रहता है और कौन सा नहीं करना चाहिए जैसी बातें बताई गई। योग अध्ययनशाला के विभागाध्यक्ष डा. एसएस शर्मा ने डेमो के माध्यम से पेट के बल और पीठ के बल लेटकर किए जाने वाले आसनों के बारे में बताया। उन्होंने अर्द्धहलासन, उत्तानपादासन, भुजंगासन, विश्रामदायक आसन में शवासन, मकरासन आदि के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

इन सभी योगासनों के विभिन्न् बीमारियों पर होने वाले प्रभाव आदि के बारे में भी बताया। डा. शर्मा ने बताया कि वर्तमान में कोरोनाकाल की परिस्थितियों में शरीर के साथ मन-मस्तिष्क को स्वस्थ रखने में योग की भूमिका महत्वपूर्ण साबित हुई है। योग और प्राणायाम के माध्यम से शरीर की रोगों से लड़ने की क्षमता को बढ़ाया जा सकता है। नियमित रूप से किया गया एक घंटे का व्यायाम संपूर्ण स्वास्थ्य प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि आसनों की अंतिम अवस्था में रूकने की एक निश्चित अवधि होती है, उस तय समय अवधि तक रूकने से पूर्ण लाभ प्राप्त होता है।

Posted By: Prashant Pandey

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