DAVV Indore: इंदौर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। आल इंडिया सर्वे आन हायर एजुकेशन (एआइएसएचई) के अंतर्गत शैक्षणिक संस्थानों को शिक्षक-विद्यार्थियों का डाटा देना था, लेकिन देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के दायरे में आने वाले दस निजी कालेजों ने अभी तक जानकारी नहीं दी है। इसमें इंदौर जिले के चार कालेज है, बाकी अन्य जिलों के संस्थान हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन ने इन कालेजों के नाम वेबसाइट पर अपलोड करके सार्वजनिक कर दिए हैं। संस्थानों को पत्र भेजकर चार दिन में डाटा भेजने पर जोर भी दिया है।

70-80 बिंदुओं पर देना है जानकारी

2016 से सर्वे शुरू हुआ है। इसके अंतर्गत प्रत्येक कालेज को 70-80 बिंदुओं पर जानकारी देना है। इसमें कोर्स, सीट, विद्यार्थी-शिक्षक-कर्मचारी की संख्या, शैक्षणिक गतिविधिया, परीक्षा-रिजल्ट के बारे में बताना होता है। 2021-22 सत्र के लिए प्रक्रिया नवंबर में शुरू हुई थी। कालेजों से डाटा प्राप्त करने की जिम्मेदारी विश्वविद्यालयों को सौंपी गई थी। देवी अहिल्या विश्वविद्यालय ने भी 15 नवंबर से प्रक्रिया शुरू कर रखी थी। 290 कालेजों को दिसंबर तक डाटा अपलोड करने को कहा। फिर 10 जनवरी तक कालेजों से जानकारी मांगी गई। बावजूद इसके 55 सरकारी और निजी कालेजों ने संस्थान के बारे में जानकारी नहीं दी।

समयसीमा बीतने पर भी नहीं दी जानकारी

विश्वविद्यालय ने लापरवाह कालेजों को एक मौका और दिया गया। 20 जनवरी तक कालेजों से डाटा देने को कहा गया, मगर अभी दस कालेज जानकारी देने में पिछड़ गए। चार इंदौर, बुरहानपुर, भीकनगांव, महू व तीन अन्य कालेज शामिल थे। अधिकारी के मुताबिक, जिन कालेजों ने जानकारी नहीं दी है, उन्हें पत्र भेजकर जल्द ही डाटा अपलोड करना है। यह काम अगले तीन से चार दिनों में पूरा करना होगा। कालेजों से प्राप्त डाटा के आधार पर विश्वविद्यालय अपनी रिपोर्ट बनाएगा। बाद में उच्च शिक्षा विभाग को भेजी जाएगी। प्रदेशभर के कालेजों से जानकारी मिलने के बाद विभाग अध्ययन कर उच्च शिक्षा में बदलाव करेगा।

Posted By: Hemraj Yadav

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