DAVV Indore : इंदौर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। देवी अहिल्या विश्वविद्यालय की समिति में अब किसी भी कार्यपरिषद सदस्य को नहीं रखा जाएगा। न ही सदस्य विश्वविद्यालय के नाम और लोगो का इस्तेमाल अपने लेटरहेड पर कर सकेंगे। राजभवन के एक पत्र का हवाला देते हुए विश्वविद्यालय ने अधिसूचना जारी की है। वहीं कुछ महीनों के भीतर बनी समितियों जिनमें सदस्य को नियुक्त किया गया था, उन्हें भी खत्म कर दिया है। हालांकि समिति द्वारा दी गई रिपोर्ट को लेकर अब विश्वविद्यालय विधिक राय लेने जा रहा है।

दरअसल राजभवन को कई महीनों से शिकायत मिल रही थी कि समितियों में कार्यपरिषद सदस्यों को रखा जा रहा है। इसे लेकर राजभवन ने 2011 में समन्वय समिति की हुई एक बैठक के फैसले को आधार बनाया है और प्रदेशभर के विश्वविद्यालय को पत्र भेजा है। विश्वविद्यालय ने गुरुवार को अधिसूचना जारी करते हुए सभी समिति खत्म कर दी है। डीएवीवी के प्रभारी कुलसचिव अनिल शर्मा ने कहा कि राजभवन के पत्र के बारे में सदस्यों को भी अवगत करा दिया है। सदस्यों की अध्यक्षता में बनी समिति के निर्णय व रिपोर्ट को मान्य किया जाएगा या नहीं, इसके बारे में विधिक राय लेंगे।

दोबारा बनेगी समितियां - कार्यपरिषद सदस्यों वाली समितियां खत्म होंगी। उसके बदले विश्वविद्यालय प्रशासन को दोबारा नई समिति बनाना होगी। इसके लिए जल्द ही कुलपति डा. रेणु जैन बैठक बुला सकती हैं। वहीं कार्यपरिषद सदस्यों का कहना है कि ऐसा होने से विश्वविद्यालय मनमाने निर्णय लेगा।

रेलवे जीएम के साथ बैठक में उठे इंदौर के मुद्दे

इंदौर। पश्चिम रेलवे के नए महाप्रबंधक प्रकाश बुटानी के साथ क्षेत्रीय रेल उपयोगकर्ता परामर्शदात्री समिति के सदस्यों की गुरुवार को बैठक हुई। इसमें इंदौर से जुडे मुददों पर भी चर्चा हुई है। महाप्रबंधक ने इस पर जल्द निर्णय लेने के लिए कहा है। सदस्य अजीत सिंह नारंग ने बताया कि हमने इंदौर में चल रहे रेल प्रोजेक्ट की धीमी गति को लेकर महाप्रबंधक का ध्यान आकर्षित करवाया है। इसके अलावा लक्ष्मीबाई नगर स्टेशन से माल गोदाम को मांगलिया में शिफ्ट करने के लिए भी कहा है। इंदौर से चल रही लंबी दूरी की ट्रेन के फेरे भी बढ़ाने की मांग की गई है। महाप्रबंधक ने जल्द समस्याओं को हल करने की बात कही है।

Posted By: Hemraj Yadav

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