DAVV Indore : कपिल नीले, इंदौर (नईदुनिया)। छात्रों की लगातार घटती संख्या को देखते हुए तीन वर्षीय एमबीए (डीई) पाठ्यक्रम की अवधि कम करने में लगे देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के दूरस्थ शिक्षा निदेशालय को जोरदार झटका लगा है। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने दो वर्षीय एमबीए (डीई) का प्रस्ताव खारिज कर दिया है। कारण यह बताया गया कि नई शिक्षा नीति के तहत ऑनलाइन और दूरस्थ शिक्षा को एक साथ करने तैयारी है। इस प्रस्ताव को दोबारा नए फॉर्मेट में बनाकर पेश करना है। यूजीसी के इस कदम से कुछ साल तक पाठ्यक्रम में बदलाव होना संभव नजर नहीं आ रहा है।

तक्षशिला परिसर के इंस्टिट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडी के भवन में संचालित दूरस्थ शिक्षा निदेशालय से तीन वर्षीय एमबीए (डीई) पाठ्यक्रम लगभग 20 साल से चलाया जा रहा है, जिसमें 500 सीटों पर काउंसलिंग के जरिए विद्यार्थियों का चयन होता है। चार साल से विद्यार्थियों की संख्या लगातार कम हो रही है। विभाग में 2016-2019 में 250 से ज्यादा सीटें नहीं भर पाईं। विभाग के निदेशक डॉ. राजीव गुप्ता का कहना है कि कुछ महीने पहले यूजीसी ने सभी दूरस्थ शिक्षा संस्थानों से पाठ्यक्रमों के बारे में पूछा था।

कोर्स की अवधि कम करने के लिए आवेदन भी बुलाए थे। विवि की तरफ से विभाग ने भी घटती छात्रों की संख्या बताते हुए प्रस्ताव बनाकर भेजा था, जिसमें एमबीए (डीई) को तीन के बजाय दो साल किए जाने पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि कई निजी विश्वविद्यालय व दूरस्थ शिक्षा संस्थानों में दो वर्षीय एमबीए चल रहा है। प्रस्ताव में इसका भी जिक्र किया था।

नए नियम हो रहे तैयार

नई शिक्षा नीति के तहत यूजीसी इन दिनों उच्च शिक्षा को बेहतर बनाने में लगा है। अब ऑनलाइन और दूरस्थ शिक्षा को लेकर नए नियम बनाए जा रहे हैं। इससे दोनों प्रकार के पाठ्यक्रम संचालित किए जा सकेंगे। यूजीसी के मुताबिक नियम बनाने में कुछ महीने लगेंगे। इसके लिए देशभर के शैक्षणिक संस्थानों से सुझाव भी बुलवाए जा रहे हैं। शिक्षाविदों से भी राय मांगी है।

विभाग की बिल्डिंग अटकी

विश्वविद्यालय के सबसे कमाऊ विभाग में दूरस्थ शिक्षा निदेशालय भी शामिल है। 2015 तक कोर्स में 90 फीसदी तक सीटों पर प्रवेश होता था। सालभर में करीब सवा दो करोड़ रुपये सिर्फ फीस आती थी। यहां नियमित एक भी शिक्षक नहीं है। सप्ताहभर में एक दिन कक्षाएं लगने से यहां सिर्फ विजिटिंग फैकल्टी है। सिर्फ तीन कर्मचारी विभाग में कार्यरत हैं। वैसे विभाग अपनी बिल्डिंग के लिए कई वर्षों से प्रयास कर रहा है। इसके लिए जमीन भी चिन्हित हो चुकी है, लेकिन फाइल विश्वविद्यालय में अटकी हुई है।

चार डिप्लोमा कोर्स होंगे शुरू

भले ही एमबीए (डीई) दो वर्ष पाठ्यक्रम को मंजूरी नहीं मिली, लेकिन विभाग इस साल कुछ डिप्लोमा कोर्स शुरू करने वाला है। इसकी तैयारी पूरी हो चुकी है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने भी डिप्लोमा कोर्स संचालित करने को हरी झंडी दे दी है। मार्केटिंग, इंटरनेशनल बिजनेस, एचआर, सप्लाय चेन मैनेजमेंट विषय में एक वर्षीय डिप्लोमा पाठ्यक्रम शामिल है। सत्र 2020-21 में इन कोर्स में प्रवेश दिया जाएगा।

इनका कहना है

ऑनलाइन पाठ्यक्रम और दूरस्थ शिक्षा को लेकर नई शिक्षा नीति के तहत नियम बनाए जा रहे हैं। इससे दोनों तरह के पाठ्यक्रम चलाने में आसानी होगी। नियम तैयार होने के बाद दोबारा संस्थानों से पाठ्यक्रम में बदलाव को लेकर प्रस्ताव बुलाए जाएंगे। फिलहाल सालभर इसके लिए इंतजार करना पड़ेगा।

- डॉ. रजनीश जैन, सचिव, यूजीसी

Posted By: Hemant Kumar Upadhyay

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस

ipl 2020
ipl 2020