इंदौर, नईदुनिया प्रतिनिधि DAVV News Indore। संग्रहण केंद्र में अन्य कालेजों के विद्यार्थियों की कापियां जमा होने से देवी अहिल्या विश्वविद्यालय की परेशानी बढ़ गई है। कापियों को कालेजवार अलग-अलग करने में विश्वविद्यालय का समय काफी बर्बाद हो रहा है। ओएमआर शीट से छात्र-छात्राओं के नंबर साफ्टवेयर में आटोमैट्रिक चढ़ाने में भी दिक्कतें आ रही है। मजबूरन डाटा एंट्री करने वाले कर्मचारियों को एक-एक विद्यार्थियों के नंबर अपलोड करना पड़ रहा है। इसके चलते 31 जुलाई से पहले रिजल्ट घोषित आना थोड़ा मुश्किल लग रहा है। मामले में अधिकारियों ने सात दिन रिजल्ट लेट होना बता रहे हैं।

बीए, बीकाम, बीएससी फाइनल ईयर और एमए, एमकाम व एमएससी चौथे सेमेस्टर की परीक्षा विश्वविद्यालय ने जून आखिरी सप्ताह में करवाई थी। कापियां जमा करने के लिए विश्वविद्यालय ने 200 संग्रहण केंद्र बनाए थे। कोरोना की वजह से विद्यार्थी ने नजदीकी केंद्रों पर कापियां जमा की। इसके चलते केंद्र ने बगैर कापियों की स्क्रूटनी करवाए मूल्यांकन करवा दिया। बाद में अलग-अलग कालेजों के विद्यार्थियों का नाम एक ही लिस्ट में शामिल हो गया।

नंबर चढ़ाने के दौरान विश्वविद्यालय को प्रत्येक कालेज के छात्र-छात्राओं की अलग-अलग लिस्ट बनाई। इस काम में सात दिन अतिरिक्त लग रहे है। वैसे विश्वविद्यालय ने 31 जुलाई तक रिजल्ट देने के लिए डाटा एंट्री करने वालों की संख्या में बढ़ा दी है। साथ ही छुट्टी वाले दिन भी कर्मचारियों को रिजल्ट से जुड़े कार्यों के लिए बुलवाया जा रहा है। 12-14 घंटे कर्मचारी काम करने में लगे है।

परीक्षा नियंत्रक डा. अशेष तिवारी का कहना है कि एक ही संग्रहण केंद्र में अलग-अलग कालेजों की कापियां आने से काम बढ़ गया है। इसे रिजल्ट तैयार करने में थोड़ा समय लग रहा है। वैसे रिजल्ट से जुड़े कार्यो कोे लेकर व्यवस्थाओं में बदलाव किया है। वे बताते है कि उच्च शिक्षा विभाग से मिली डेडलाइन के तीन से चार दिन बाद रिजल्ट जारी हो सकता है। इस बारे में कुलपति डा. रेणु जैन से बातचीत कर ली है।

Posted By: Sameer Deshpande

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