इंदौर। एक तरफ देश के प्रधानमंत्री जापान से भारी निवेश लेकर लौटें हैं, वहीं दूसरी तरफ जापान के एक प्रतिनिधिमंडल ने इंदौर आकर यहां निवेश का प्रस्ताव दिया है। प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को औद्योगिक केंद्र विकास निगम (एकेवीएन) के एमडी मनीष सिंह से मुलाकात कर डीएमआईसी (दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रीयल कॉरिडोर) प्रोजेक्ट पर विस्तार से चर्चा की।

रहवासी जोन आदि विकसित करेंगे

ओसाका स्थित लाइफ एंड कल्चर रिसर्च इंस्टीट्यूट से आए इस दल में मुख्य अर्बन प्लानर चीबा कीजी, मुख्य अर्थशास्त्री नगाता केनिची और मुख्य समन्वयक तोराब जाकिर शामिल थे। एकेवीएन एमडी ने बताया कि यह दल डीएमआईसी अर्ली बर्ड प्रोजेक्ट के तहत अर्बन डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स को विकसित करने के लिए जमीन की तलाश में आया है।

ओसाका क्षेत्र में विकसित किए गए नए टाउनशिप प्रोजेक्ट की तर्ज पर यहां स्मार्ट सिटी का विकास किया जाएगा। जापानी दल के मास्टर प्लान में शहरी परिवहन के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर, ऑफिस कॉम्पलेक्स, इंडस्ट्रीयल पार्क, रहवासी जोन आदि विकसित किए जाने की योजना है।

पीथमपुर-धार-महू में संभावना

एकेवीएन इंदौर ने जापानी दल को डीएमआईसी के तहत प्रस्तावित पीथमपुर-धार-महू इन्वेस्टमेंट नोड की 280 हेक्टेयर (692 एकड़) जमीन पर स्मार्ट सिटी विकसित करने का प्रस्ताव दिया है। जापानी दल ने इस संबंध में सभी महत्वपूर्ण जानकारियों को नोट कर कुछ दिन बाद अपनी टेक्निकल टीम के साथ पुनः इंदौर आने का आश्वासन दिया है।

यदि जापानी दल प्रस्तावित जमीन को अपने औद्योगिक व शहरी विकास प्रोजेक्ट के तहत चयन करता है तो इस संबंध में ट्रायफेक भोपाल को अपना प्रस्ताव सौंपेंगे। प्रोजेक्ट पर अंतिम निर्णय प्रदेश सरकार द्वारा लिया जाएगा। -नप्र