इंदौर, नईदुनिया प्रतिनिधि, Dhanteras 2021 Indore News। इस बार खरीदी के महामुहूर्त धनतेरस पर निवेश का तीन गुना फल देने वाला त्रिपुष्कर योग बनेगा। ज्योतिर्विदों के मुताबिक इस योग के चलते धनतेरस पर सोना-चांदी, भूमि, भवन में निवेश करना लाभदायक होगा। इस दिन मंगलकारी उत्तरा फाल्गुनी और हस्त नक्षत्र भी होंगे। सराफा बाजार में ग्राहकों की अगवानी के लिए लाल कारपेट बिछाया जाएगा।

इस बार धनतेरस दो नवंबर (मंगलवार) को मनाई जाएगी। ज्योतिर्विद् गुलशन अग्रवाल के मुताबिक मंगलवार को द्वादशी तिथि सुबह 11.31 बजे तक रहेगी। इसके बाद त्रयोदशी लगेगी जो अगले दिन तीन नवंबर को सुबह 9.02 बजे तक रहेगी। दो नवंबर को उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र सुबह 11.44 बजे तक और इसके बाद हस्त नक्षत्र रहेगा। त्रिपुष्कर योग सुबह 6.32 से 11.31 बजे तक रहेगा। इस दौरान सोना-चांदी, भूमि, भवन, बर्तन सहित हर तरह की खरीदी उत्तम फल प्रदान करती है। मान्यता है कि उदया तिथि के समय जो शुभ योग होते हैं, उसका प्रभाव दिवस पर्यंत रहता है।

ऐसे बनता त्रिपुष्कर संयोग

ज्योतिर्विद् राजेश चौबे के मुताबिक मान्यता है कि त्रिपुष्कर में कार्य में करने वालों को सफलता मिलती है। शनिवार, रविवार और मंगलवार को द्वितीया, सप्तमी और द्वादशी में से कोई तिथि होने और इन दो योगों के साथ विशाखा, उत्तरा फाल्गुनी, उत्तराषाढ़ा, पूर्वा भाद्रपद, पुनर्वसु या कृतिका नक्षत्र होने पर त्रिपुष्कर योग बनता है। इसका शुभाशीष से सीधा संबंध नहीं है लेकिन मन को आनंदित करने वाले कार्य का तीन गुना फल मिलता है।

पांच दिनी दीपोत्सव की होगी शुरुआत

आचार्य शिवप्रसाद तिवारी ने बताया कि धनतेरस से पांच दिनी दीपोत्सव की शुरुआत होती है। धन-संपदा में वृद्धि के लिए पहले दिन देवी लक्ष्मी और कुबेर का पूजन किया जाता है। पुराणों के अनुसार इस दिन ही भगवान धन्वंतरि अमृत का पात्र लेकर प्रकट हुए थे। इस दिन आरोग्यता के लिए भगवान धन्वंतरि का पूजन किया जाता है। गोधूलि बेला में अकाल मृत्यु के भय से मुक्ति के लिए दीपदान किया जाता है।

चौघड़िया अनुसार मुहूर्त

- चर : सुबह 9.21 से 10.45 बजे तक।

- लाभ : सुबह 10.46 से दोपहर 12.10 बजे तक।

- अमृत : दोपहर 12.10 से 1.35 बजे तक।

- शुभ : दोपहर 3 से 4.24 बजे तक।

- लाभ : शाम 7.24 से रात 8.59 बजे तक।

Posted By: gajendra.nagar

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