इंदौर, नईदुनिया प्रतिनिधि MNREGA Scam Indore। ग्रामीणों को पता ही नहीं और उनके नाम से मनरेगा योजना के जॉब कार्ड बन गए। न केवल जॉब कार्ड बने हुए हैं, बल्कि बिना कोई काम किए-धरे उनके बैंक खाते में पैसा भी आ रहा है। पैसा आता भी है और निकल भी जाता है। साथ ही फर्जी दस्तावेज ऑनलाइन दिखाए जा रहे हैं। अजूबे से भरा यह घपला हो रहा है इंदौर जिले की देपालपुर तहसील की हरनासा ग्राम पंचायत में।

हरनासा के ग्रामीणों ने मंगलवार को अपर कलेक्टर और जिला पंचायत सीईओ हिमांशुचंद्र को इस मामले की शिकायत की। ग्रामीणों का कहना है कि यह महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) में हो रहे किसी घोटाले के संकेत हैं। सरपंच, सचिव और रोजगार सहायक के जरिए यह गड़बड़ किए जाने की आशंका है। बरोदा पंथ के निवासी चंदनसिंह बड़वाया ने बताया कि हमारा फर्जी जॉब कार्ड बना दिया, जबकि मैंने शासन की किसी योजना में कोई रोजगार कार्य नहीं किया।

इसी गांव के सेवसिंह अनोपसिंह ने बताया कि कागजों पर खेत तालाब बना दिया गया है जो ऑनलाइन दर्ज दिखाई दे रहा है। जमीन पर कोई तालाब नहीं बनाया गया है। ऑनलाइन दस्तावेज में इस कार्य के लिए 24 हजार 107 रुपये दर्शाए गए हैं जो मेरे खाते में प्राप्त नहीं हुए हैं। यह पैसा फर्जी खातों में निकल गया। बरोदा पंथ के ही सालिगराम बापूसिंह का फर्जी जॉब कार्ड बना दिया गया है और उन्हें सेवसिंह के खेत में तालाब पर मजदूरी करना दर्शाया गया है, जबकि सालिगराम मनरेगा योजना में मजदूरी ही नहीं गए। ऑनलाइन दस्तावेजों में उनके नाम से भी 22617 स्र्पये निकाले गए हैं। हरनासा गांव के तकेसिंह भागीरथ का कहना है कि मुझे तो यह तक नहीं पता कि मेरा कोई जॉब कार्ड भी है। न ही मैंने जॉब कार्ड बनवाने के लिए कभी पंचायत गया। फिर भी कागजों में ऑनलाइन जॉब कार्ड दिखाया जा रहा है।

मनरेगा के तहत श्यामादास सीताराम के खेत तक सड़क और शासकीय तालाब के निर्माण में मुझे मजदूरी करते हुए दर्शाया गया है, जबकि मेरे द्वारा ऐसा कोई कार्य नहीं किया गया। आश्चर्य की बात है कि श्यामादास के यहां ऐसा कोई काम हुआ भी नहीं है। फिर भी ऑनलाइन दस्तावेज में मेरे जॉब कार्ड पर 16100 रुपए बताए जा रहे हैं जो कि फर्जी खातों से निकाले गए हैं। इस मामले की जांच होना चाहिए और दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई होना चाहिए। बरोदा पंथ निवासी दरियावसिंह केसरसिंह का भी फर्जी जॉब कार्ड बना दिया और ऑनलाइन दस्तावेजों में 16000 रुपए निकालना दिखाए गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इस तरह के कई फर्जी जॉब कार्ड बनाए गए हैं। इसकी उधा स्तरीय जांच की जाए तो मनरेगा का बड़ा घोटाला सामने आ सकता है। जिला पंचायत सीईओ ने मामले की जांच का आश्वासन दिया है।

Posted By: Sameer Deshpande

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