इंदौर, नईदुनिया प्रतिनिधि, Diversion Tax Indore। कोरोना महामारी के कारण भूमि के डायवर्सन टैक्स की वसूली में इंदौर जिला काफी पिछड़ गया है। ऐसे में प्रशासन ने अब अपने अधिकारियों को टैक्स वसूली में गंभीरता से काम करने के निर्देश दिए हैं। सख़्ती का असर है कि विभिन्न तहसीलदारों ने अपने-अपने क्षेत्र में छह हजार से ज्यादा नोटिस जारी किए हैं। इनमें कई बड़े बकायादारों के अलावा छोटे बकायादार भी शामिल हैं।

उल्लेखनीय है कि प्रदेश में भूमि डायवर्सन का सर्वाधिक टैक्स इंदौर जिले में ही बनता है। इसीलिए इंदौर से यह उम्मीद की जाती है कि वह वसूली भी अधिक करे। शासन ने इंदौर को 110 करोड़ के टैक्स की वसूली का लक्ष्य दिया है। अब तक करीब 16 करोड़ की वसूली हो चुकी है। डायवर्सन टैक्स की वसूली और रिकार्ड अपडेशन को लेकर कलेक्टर मनीष सिंह ने सभी जिम्मेदार अधिकारियों की बैठक भी ली। इसमें सभी अपर कलेक्टर, एसडीएम, तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक एवं पटवारी उपस्थित रहे।

कलेक्टर ने बताया कि नई तहसीलों के निर्माण एवं विभाजन के बाद डायवर्सन भूमि का रिकार्ड अपडेट नहीं किया गया है। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि युध्द स्तर पर अभियान चलाकर डायवर्टेड भूमि के रिकार्ड को अपडेट किया जाए। साथ ही बकायादारों से डायवर्सन टैक्स की वसूली की जाए। जो व्यक्ति समयसीमा अंतर्गत डायवर्सन टैक्स जमा नहीं करते उनकी संपत्ति कुर्क कर नीलाम की जाए। उन्होंने सभी अपर कलेक्टर एवं एसडीएम को निर्देश दिए कि वे अपने अधीनस्थ राजस्व अमले की सतत निगरानी करें तथा नियमित रूप से फील्ड विजिट कर जमीनी स्तर पर हो रहे कार्यों की समीक्षा करें।

Posted By: gajendra.nagar

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