इंदौर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। दो दिन पहले देवगुराड़िया में बदला लेने की नीयत से एक युवक के दाएं हाथ के पंजे को संतूर से काट दिया गया था। उसे एमवाय अस्पताल के डाक्टरों ने आपरेशन कर जोड़ दिया। 21 अक्टूबर को 21 वर्षीय फरहान को हाथ के कटे पंजे के साथ एमवायएच लाया गया था। युवक का काफी खून बह गया था। जूनियर डाक्टरों ने स्थिति संभाली और एक घंटे के अंदर आपरेशन शुरू कर दिया। प्लास्टिक सर्जरी विभाग के डा. जुबिन सोनाने एवं डा. सौरभ गुप्ता ने रात में छह घंटे का जटिल आपरेशन कर कटे पंजे को फिर से हाथ से जोड़ दिया। यह आपरेशन वरिष्ठ प्लास्टिक सर्जन डा. सचिन वर्मा, डा. राकेश डावर व डा. सोनिया मोजेस के मार्गदर्शन में हुआ। डा. गुप्ता के मुताबिक, इस आपरेशन में हाथ की हड्डी के साथ-साथ आधुनिक प्रक्रिया से वाहिकाओं और तंत्रिकाओं को जोड़ा गया।

माइक्रोस्कोप में देखते हुए तंत्रिकाओं को जोड़ा और इन्हें जोड़ने के लिए बाल के बराबर के धागे का इस्तेमाल किया। आपरेशन हुए दो दिन हो गए, अब मरीज स्वस्थ है। फिजियोथेरेपी के बाद मरीज के हाथ का मूवमेंट तीन महीने में शुरू होगा।

इसके बाद मरीज पुन: अपने हाथ से दैनिक कार्य कर सकेगा आपरेशन में डा. दीपशिखा, डा. सक्षम, डा. सृष्टि, हड्डी रोग विभाग के डा. कुंदन कुशवाहा, डा. शशांक व निश्चेतना विभाग की डा. शालिनी जैन, डा. शैलेंद्र, डा. कामना और डा. सुरुचि का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

कटे अंग को पालीथिन में डाल बर्फ में रखकर लाएं

डा. सचिन वर्मा के मुताबिक, इस तरह की परिस्थिति में मरीज को जल्द से जल्द अस्पताल ले जाना चाहिए। कटे हुए अंग को सीधे बर्फ में नहीं रखना चाहिए। उसे साफ नमीयुक्त कपड़े में लपेटकर पालीथिन में डालकर उसके बाद बर्फ में रख कर अस्पताल लाना चाहिए। ऐसी स्थिति में कटे हुए अंगों को दोबारा जोड़ा जा सकता है।

Posted By: Prashant Pandey

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