इंदौर। नईदुनिया प्रतिनिधि। आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ ईओडब्ल्यू के छापों में ढाई करोड़ से अधिक संपत्ति के मालिक निकले मध्य प्रदेश स्टेट एग्रो इंडस्ट्रीज कारपोरेशन लिमिटेड के धार के जिला प्रबंधक रमेश चंद्र रूपारिया के पेतृक निवास से 52 एकड़ जमीन मिली है। यह जमीन उसके और स्वजन के नाम पर है। इतना ही नहीं उसका भोपाल में एक बैंक लाॅकर मिला है। बैंक को पत्र लिख कर लाकर और खाते सीज कर दिए गए है। वहीं उसको पद से हटाने के लिए पत्र लिखा जाएगा।

एसपी धनंजय शाह ने बताया कि रूपारिया के यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया धार शाखा में एक खाता और लॉकर मिला था। इसके अलावा भोपाल में ही एक लॉकर मिला है। सोमवार या मंगलवार को लॉकर खोला जाएगा। उम्मीद है कि इनसे भी बड़ी संख्या में जेवरात मिलेंगे। उसके घर से हमें 40 लाख रुपये के सोने चांदी के जेवर मिले थे। जिसमें करीब 45 तोला सोना और ढाई किलो चांदी के जेवरात शामिल थे।

उन्होंने बताया कि उसके पैतृक गांव मोहन बड़ोदिया जिला शाजापुर में मौजूद घर से 52 एकड़ जमीन के दस्तावेज मिले है। इसके जिसकी राजस्व विभाग से जानकारी निकाली जा रही है। इसके अलावा इंदौर में दो घर ओर होने की जानकारी मिली है। जिसकी जांच की जा रही है ।

किसानों का पैसा कर रहा था गबन

सूत्रों ने बताया कि इओडब्लू की टीम की जांच में यह बात सामने आई थी कि रूपारिया किसानों के साथ धोखाधड़ी कर रहा था। शासन द्वारा किसानों को दी जाने वाली योजनाओं में गबन कर लेता था और उसके पैसे से शासन के नाम से संपर्क किया ले रहा था। अधिकारियों ने बताया रूपारिया लंबे समय से धार में ही पदस्थ था। इस दौरान उसका अब तक का वेतन करीब 80 लाख रुपए हो रहा है। जबकि उसकी संपत्ति ढाई करोड़ रुपए से अधिक है। उसे हटाने के लिए ईओडब्ल्यू उसके उसके विभाग को पत्र भी लिखेगी।

Posted By: Hemant Kumar Upadhyay

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