Indore Kirana Bazar Rate: इंदौर, नईदुनिया प्रतिनिधि। गैर बासमती और टूटे चावल के निर्यात पर प्रतिबंध लगाने के बाद से चावल के दामों में मंदी की उम्मीद जताई गई थी। हालांकि प्रतिबंध के सप्ताहभर बाद भी बाजार में मंदी नहीं दिख रही। चावल कारोबारियों में संशय है। दरअसल सरकारी कदमों से आ रही मंदी को मौसम का मिजाज रोक रहा है। पहले चावल उत्पादक राज्यों में कमजोर बरसात से बुवाई प्रभावित हुई थी। अब मानसून की विदाई के दौर में हो रही लगातार वर्षा परेशानी बन रही है। कारोबारियों के अनुसार चावल की खड़ी फसल से मौजूदा बरसात से नुकसान की आशंका है।

चावल निर्यात पर प्रतिबंध लगाने के बाद सरकार ने सख्ती के निर्देश दिए। नतीजा हुआ कि करीब चावल से लगे 20 जहाज रोक दिए गए। इसमें करीब 6 लाख टन चावल लदा हुआ था। इसी बीच बुधवार को कस्टम विभाग ने चावल को लेकर एसओपी जारी कर दिया है। बंदरगाहों के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि चावल से लदे हर कंटेनर की सैंपलिंग की जाए। दरअसल सरकार ने सिर्फ गैर बासमती चावल के निर्यात पर प्रतिबंध लगाया है। शिकायत मिल रही थी कि प्रतिबंध की शर्तों का लाभ लेते हुए कई कारोबारी गलत घोषणा पत्र पर टूटा और गैर बासमती चावल निर्यात कर रहे थे।

इसके बाद चावल की हर खेप की सैंपलिंग और जांच कर उसकी किस्म पता लगाने का निर्देश दिया गया है। इस बीच चावल निर्यात पर प्रतिबंध के खिलाफ अमेरिका और यूरोप ने डब्ल्यूटीओ में आपत्ति ली थी। इस पर भारत ने देश की खाद्य सुरक्षा का हवाला देते हुए निर्यात प्रतिबंध को सही ठहराया है। इंदौर के थोक कारोबारी दयालदास अजीत कुमार के अनुसार निर्यात प्रतिबंध के बाद से बाजार में सामान्य और मध्यम किस्म के चावल के दामों में नरमी की उम्मीद की जा रही है।

हालांकि अभी तक दाम में नरमी नहीं आई। असल में इस खरीफ में चावल की बुवाई कमजोर है। बीते साल का एंडिंग स्टाक मिलों के हाथ में नहीं है। निर्यात शिपमेंट रुकने से शुरुआती तौर पर दाम गिरने की उम्मीद थी क्योंकि निर्यातकों को बड़ा नुकसान हो रहा है। हालांकि देश भर में अब भी बरसात जारी है। ऐसे में अगली फसल की क्वालिटी गिरने और नुकसान की खबरें आ रही है। ऐसे में दामों में गिरावट रुक गई है। अगले दस दिनों में चावल का बाजार अपनी दिशा तय करेगा। अगर शिपमेंट वापस आते है तो ही स्थानीय बाजारों में दामों में नरमी दिखेगी।

इंदौर चावल भाव: बासमती (921) 10500-11500, तिबार 8500-9500, बासमती दुबार पोनिया 7500-8500, मिनी दुबार 6500-7500, मोगरा 4000-6000, बासमती सेला 7500-9500, कालीमूंछ डिनरकिंग 8000, राजभोग 7000, दुबराज 3500-4500, परमल 2550-2700, हंसा सेला 2500-2675, हंसा सफेद 2450-2500, पोहा 4200-4600 रायल रतन सच्चामोती पोहा 4800, सच्चामोती इंदौरी वैरायटी 5120 रुपये क्विंटल।

Posted By: Sameer Deshpande

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