इंदौर, नईदुनिया प्रतिनिधि। इंदौर के आनंद नगर में रहने वाली 70 वर्षीय संतोष गोयल इंदौर शहर की पहली पोस्ट कोविड मरीज थी जिन्हें डीआरडीओ का 2 जी सैशे दिया गया था। उन्हें अस्पताल में इलाज के दौरान 2 डीजी के 14 सैशे दिए गए थे। इसका असर यह था कि वो अपने हाथ से खाना खाने लगी थी और आक्सीजन के लिए उन्हें सिलेंडर पर रहने की निर्भरता भी खत्म हो गई थी।

परिवार के सदस्य उन्हें घर लाने की तैयारी कर चुके थे लेकिन बाद में उन्हें यूरिन इंफेक्शन जिसके कारण संक्रमण उनके पूरे शरीर में फैल गया। उनकी हालत इतनी खराब हुई कि 9 जून को उनका सीएचएल अस्पताल में निधन हो गया। उनके बेटे शिरिष गोयल के मुताबिक कोविड संक्रमण होने के बाद वो 14 अप्रैल से अस्पताल में भर्ती हुई थी। कोविड रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद अस्पताल से ठीक होकर वो घर आई गई थी लेकिन घर पर आने के बाद उन्हें सांस लेने में परेशानी होने के कारण दोबारा अस्पताल में भर्ती किया गया। इसके बाद हमने डीआरडीओ से विशेष अनुमति लेकर 2 डीजी सैशे अस्पताल में दिलवाए। उस दवा का असर काफी अच्छा था और वे तेजी रिकवर कर रही थी। चिकित्सकों की सलाह पर उन्हें 10 जून को घर ले जाने वाले थे लेकिन यूरिन इंफेक्शन के कारण उन्हें घबराहट हुई और उन्हें अस्पताल में ही रखा गया। इंफेक्शन उनके शरीर में फैल गया था। 15 जून को उन्हें आईसीयू व फिर वेंटीलेटर पर शिफ्ट करना पड़ा। वे अस्पताल में करीब 68 दिन भर्ती रही और 9 जून को उनका निधन हुआ।

Posted By: gajendra.nagar

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