इंदौर। नईदुनिया प्रतिनिधि

राऊ से महू के बीच दोहरी रेल लाइन की प्रक्रिया रेलवे बोर्ड ने शुरू कर दी है। ऐसे में जनवरी में इसे मंजूरी मिलने की पूरी संभावना है। करीब 10 किलोमीटर लंबी यह लाइन डलने से भविष्य में कई फायदे होंगे और यात्री ट्रेनों को क्रॉसिंग के लिए जगह-जगह खड़ा नहीं करना पड़ेगा। भविष्य में पूरी होने वाली रेल परियोजनाओं के लिए भी यह प्रोजेक्ट अहम है। राऊ-महू के बीच केवल स्टेशन है इसलिए तकनीकी रूप से भी यह काम करने में ज्यादा बाधा नहीं है।

वर्तमान में इंदौर से राऊ तक दोहरी लाइन बिछी है। एक लाइन महू जाने वाली है, जबकि दूसरी लाइन इंदौर-दाहोद प्रोजेक्ट की है। राऊ के आगे दाहोद लाइन टीही की तरफ मुड़ जाती है। राऊ से महू के बीच एक लाइन होने से यात्री ट्रेनों का दबाव पहले ही ज्यादा है। भविष्य में महू से नई ट्रेनें संचालित होंगी तो इकहरी लाइन के कारण क्रॉसिंग और ट्रेन लेट होने की समस्याएं काफी बढ़ेंगी। इसी कारण लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन ने राऊ-महू लाइन को दोहरीकृत करने की मांग की थी। पश्चिम रेलवे ने इस पर दोहरी विद्युतीकृत लाइन के हिसाब से सर्वे कर करीब 100 करोड़ रुपए का प्रोजेक्ट तैयार किया था जो फिलहाल रेलवे बोर्ड के पास है। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक इस प्रोजेक्ट को जल्द मंजूरी मिलेगी। पश्चिम रेलवे काम शुरू करने की तैयारी कर सकता है। राऊ-महू के बीच हरनियाखेड़ी स्टेशन ही है, इसलिए रेलवे चाहे तो इस 10 किमी लंबी लाइन का काम पांच-छह महीने में ही पूरा हो सकता है।

खंडवा और मनमाड़ लाइन का दबाव बढ़ेगा

भविष्य में इंदौर (महू)-मनमाड़ रेल लाइन और महू-खंडवा बड़ी लाइन बिछने के बाद इंदौर-महू लाइन पर दबाव कई गुना बढ़ेगा। 2022 तक इंदौर-दाहोद रेल लाइन परियोजना भी पूरी करने का लक्ष्य है। तब इस लाइन पर चौतरफा ट्रेनों की आवाजाही बढ़ेगी। दाहोद लाइन को महू लाइन से जोड़ने के लिए राऊ-महू के बीच वाय सेक्शन बनाने की भी योजना है। इस लिहाज से राऊ-महू रेल खंड का दोहरीकरण बेहद जरूरी है। दोहरीकरण से बड़े पैमाने पर यात्री और मालगाड़ियों की आवाजाही समय पर सुनिश्चित की जा सकेगी। इससे नई ट्रेन शुरू करने के साथ इंदौर से चलने वाली ट्रेनों को महू से चलाने की संभावना भी बढ़ेगी। डीआरएम (रतलाम मंडल) आरएन सुनकर के मुताबिक राऊ-महू के बीच दोहरीकरण लाइन बिछाने की अनुमति जल्द आने की संभावना है। उसके बाद तेजी से काम शुरू किया जाएगा।

Posted By: