इंदौर, नईदुनिया प्रतिनिधि। आदिवासियों के धर्म पर कोई सवाल नहीं है। सभी आदिवासी हिंदू हैं। कुछ लोग उनकी गरीबी, अशिक्षा और विदेश से आने वाले फंड से उन्हें भ्रमित कर रहे हैं। छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी की जाति पर विवाद है, लेकिन ये साफ है कि वे आदिवासी नहीं हैं। यह बात केंद्रीय जनजाति विकास मंत्री रेणुका सिंह ने कही। वे शनिवार को स्थानीय अर्बन हाट बाजार में ट्राइब्स इंडिया द्वारा आयोजित आदिवासी हस्तशिल्प की प्रदर्शनी का उद्घाटन करने इंदौर पहुंची थीं। आयोजन से पहले प्रेस क्लब में मीडिया से बात करते हुए आदिवासियों को उद्योगों के लिए वनों की जमीन बेदखल करने के सवाल पर उन्होंने कहा कि संविधान की पांचवीं अनुसूची में ग्रामसभा पर निर्भर है कि वे जमीन दें या नहीं।

ग्रामसभा इनकार करती है तो जमीन उद्योग को नहीं मिलती। उनकी हामी पर ही उद्योग वहां आ सकते हैं। उन्होंने आर्थिक मंदी की बात को सिरे से खारिज कर दिया और कहा कि सिर्फ विपक्ष माहौल बना रहा है। नक्सल समस्या पर उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर बेहतर काम हुआ है। सरगुजा से नक्सल समस्या खत्म हो चुकी है। बस्तर में भी स्थिति बेहतर हुई है।

सही पुनर्वास नीति बनाना राज्य सरकार की जिम्मेदारी

इंदिरा सागर बांध प्रोजेक्ट से प्रभावित आदिवासियों का पुनर्वास नहीं होने पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सही पुनर्वास नीति बनाना राज्य सरकार की जिम्मेदारी है। राज्य सरकार को देखना चाहिए कि आदिवासी के हितों का हनन न हो। उन्होंने केंद्र सरकार द्वारा आदिवासियों के लिए लाई गई योजनाओं का ब्योरा दिया। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा गांधीजी की 150वीं जयंती पर निकाली जा रही यात्रा को लेकर उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने गांधीजी का सिर्फ राजनीतिक उपयोग किया, कभी उनके विचारों को समझा नहीं। स्वच्छता के गांधीजी के आग्रह को भाजपा सरकार ने ही समझा और अपनाया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में बघेल सरकार बदलापुर की राजनीति कर रही है। ऐसा पहले कभी नहीं हुआ।