Indore News: इंदौर, नईदुनिया प्रतिनिधि। सुपर कारिडोर पर बने प्रदेश के पहले आठ लेन पुल का करीब दो फुट लंबा और तीन फुट चौड़ा हिस्सा गुरुवार को टूट कर नीचे गिर गया और पुल के सरिये दिखाई देने लगे। इसकी जानकारी मिलते ही इंदौर विकास प्राधिकरण के अधिकारी यहां पहुंचे और पुल के एक ओर का यातायात रोक दिया। उन्होंने क्षतिग्रस्त भाग को 28 घंटे में ठीक करने का दावा किया है। पुल क्षतिग्रस्त क्यों हुआ इसकी जांच के लिए मुंबई से विशेषज्ञों का दल भी आ रहा है। अधिकारियों को आशंका है कि निर्माण के दौरान टूटे भाग में ज्यादा सीमेंट का उपयोग हुआ।

पुल के मध्य भाग में यह गड्ढा रेलवे ट्रैक से कुछ पहले हुआ है। मौके पर पहुंचे दल ने गड्ढे के आसपास के 8 फुट लंबे कमजोर हो चुके भाग को भी गिरा दिया और शेड से टूटे भाग को कवर कर दिया। रात के समय कोई वाहन शेड से नहीं टकरा जाए, इसके लिए छह कर्मचारी भी तैनात किए गए हैं।

विवादों में रहा पुल, लोकायुक्त में चल रही है जांच

सुपर कारिडोर पर बना पुल डिजाइन को लेकर शुरू से ही विवादों में रहा है। 10 साल पहले इसका निर्माण शुरू हुआ था। इसके पिलर टेस्टिंग के दौरान दरार होने के कारण दो साल तक काम अटका रहा। सिंहस्थ के समय अधूरे पुल का काम फिर शुरू हुआ। तब पुल की डिजाइन भी बदली गई थी। इसी बारे में लोकायुक्त में भी शिकायत हुई थी, उसकी जांच भी चल रही है।

मरम्मत का काम शुरू

पुल क्षतिग्रस्त होने का पता चलने के बाद एक तरफ का यातायात हमने बंद कर दिया है। टूटे भाग की मरम्मत का काम भी शुरू हो गया है। शुक्रवार तक टूटे भाग को दुरुस्त कर दिया जाएगा। पुल क्षतिग्रस्त क्यों हुआ है इसके कारणों की जांच भी की जा रही है।

-आरपी अहिरवार, मुख्य कार्यपालन अधिकारी, इंदौर विकास प्राधिकरण

यह है पुल की खासियत

- 43 करोड़ में बना था ब्रिज

- यह प्रदेश का पहला ऐसा ब्रिज है, जिस पर साइकिल ट्रैक भी है

- एक किलोमीटर से ज्यादा लंबे इस ब्रिज के निर्माण में साढ़े चार साल का समय लगा था

- टेस्टिंग के दौरान ब्रिज के पिलर मेें क्रेक आने से डेढ़ साल तक ब्रिज का निर्माण रुका रहा

Posted By: Sameer Deshpande

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