शहर के एमजी रोड पर सबसे पहले ज्वेलरी शोरूम की शुरुआत करने वाले रतलाम ज्वेलर्स के संचालक पारस बोहरा 20 सालों से गुणवत्ता, बेहतर डिजाइन और कम से कम कीमत में बेहतर ज्वेलरी उपलब्ध कराने के लिए काम कर रहे हैं। लॉकडाउन में भले ही शोरूम बंद रहा लेकिन उन्होंने टीम के सदस्यों से लगातार बात कीं

और ज्वेलरी की नई डिजाइन तैयार करने पर काम करते रहें। रतलाम ज्वेलर्स के साथ 100 से ज्यादा कर्मचारी और कारीगर काम करते हैं। किसी का भी वेतन कम नहीं किया। सबका उत्साह बढ़ाते रहे। व्यापार की पहुंच ज्यादा से ज्यादा लोगों तक बढ़ाने के लिए वेबसाइट और वॉट्सएप का उपयोग कर रहे हैं। ऑनलाइन पैमेंट को बढ़ावा देने पर भी जोर दे रहे हैं।

इंदौर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। सन् 2000 में जब एमजी रोड पर ज्वेलरी का एक भी शोरूम नहीं था तब रतलाम ज्वेलर्स के पारस बोहरा ने इसकी शुरुआत की थी। ईमानदारी और बेहतर व्यवहार के कारण शहर के लोग रतलाम ज्वेलर्स से जुड़ते गए और आज भी सालों पुराने ग्राहक उनसे ही ज्वेलरी लेने आते हैं। पारस बोहरा का कहना है कि शहर के अलावा दिल्ली, मुंबई, पुणे, जयपुर, भोपाल और कई शहरों के ग्राहक हमसे ही ज्वेलरी लेने आते हैं।

कई विदेशों के भी ग्राहक है जो जब भी भारत में आते हैं तो ज्वेलरी लेने के लिए विशेष तौर पर इंदौर में हमारे पास

आते हैं। उनका कहना है कि हमारी खासियत यह है कि हम गुणवत्ता से किसी भी तरह का समझौता नहीं करते हैं। हमारे पास सबसे यूनिक डिजाइन रहती है। ऐसा इसलिए क्योंकि कई ज्वेलरी हम खुद डिजाइन करते हैं और इसे इंदौर सहित देश के कई कारीगरों से बनवाते हैं। शहर में सबसे पहले बीआइएस हॉलमार्क सर्टिफाइड की अनुमति भी हमें मिली थी। बिना हॉलमार्क के हम कोई भी ज्वेलरी नहीं बेचते हैं।

गुणवत्ता, डिजाइन और कम से कम कीमत के लिए हम जाने जाते हैं। हम लाइटवेट ज्वेलरी बनाने पर जोर देते हैं। लॉकडाउन में हमने व्यापार को बढ़ाने के लिए कई नई प्लानिंग की है। इसमें खासकर अगले समय के लिए भी ऐसी ज्वेलरी डिजाइन तैयार की है जो ग्राहकों को बहुत पसंद आएगी। कोरोनाकाल के संकट के दौर में हमने सबसे ज्यादा ध्यान हमारे कर्मचारियों पर दिया है। किसी का भी वेतन कम नहीं किया। जिसको भी जैसी जरूरत लगी हमनें मदद की।

यहां तक की इस संकट के समय में अस्पताल और अन्य जगहों पर खाना भी पहुंचाया। 51 हजार पूड़ी-सब्जी के पैकेट वितरित किए। कई लोग इस समय परेशान हुए लेकिन हमें इसका कोई खास प्रभाव नहीं पड़ा। लॉकडाउन के समय व्यापार स्थिर रहा, लेकिन अब फिर से पहले की तरह व्यापार ने गति पकड़ ली है और धीरे-धीरे लोग फिर से त्योहारों और परिवारिक समारोह के लिए तैयारी कर रहे हैं।

वेबसाइट और वॉट्सएप से भी दे रहे हैं सेवा

पारस बोहरा ने बताया कि लॉकडाउन से हमने अपनी ऑनलाइन सेवाओं को और बेहतर कर दिया है। हमारी वेबसाइट से ऑनलाइन खरीदारी की जा सकती है। अगर कोई ग्राहक वॉट्सएप पर डिजाइन मंगाते हैं तो वे भी हम भेज रहे हैं। ऑनलाइन पैमेंट पर भी हम जोर दे रहे हैं।

ग्राहकों को डिजिटल पेमेंट अपनाने की सलाह दे रहे हैं। पुराने ग्राहकों से भी फोन और वॉट्सएप के माध्यम से जुड़े हुए है। उनसे समय-समय पर फीडबैक भी लेते रहते हैं। ग्राहकों की पसंद को भी हम वरीयता देते हैं। वे जिस तरह की डिजाइन की ज्वेलरी चाहते हैं उसकी विस्तृत रेंज हम बनवाते हैं। शोरूम पर घर जैसा माहौल मिलता है और हमारे 20 से 25 साल अनुभवी कर्मचारी सही ज्वेलरी का चयन कराने में ग्राहकों की बहुत मदद भी करते हैं।

ग्राहकों की संतुष्टि ही सफलता

पारस बोहरा का कहना है कि सफलता के मायने सभी के लिए अलग है। हमारे लिए ग्राहकों को संतुष्ट करना ही सफलता है। ग्राहक जब दूसरों को बोलते हैं कि आप भी यहीं से ज्वेलरी लेना तो मन को बहुत अच्छा लगता है और हम सोचते हैं कि इतने सालों की मेहनत से शहरवासियों का विश्वास कमाया है।

उन्होंने बताया कि ज्वेलरी का काम खानदानी रहा है। रतलाम में सबसे पहले ज्वेलरी का काम शुरू किया था। लोगों को शुध्द, यूनिक और कम से कम कीमत में ज्वेलरी उपलब्ध कराने के लिए हम काम बढ़ाते गए। इस समय हमारे पास 100 से ज्यादा कर्मचारी और कारीगर है। इन सभी को हम परिवार का सदस्य जैसा रखते हैं। हर समय में सभी एक-दूसरे का साथ देते हैं। बेहतर टीम भावना से ही किसी व्यापार को आगे बढ़ाया जा सकता है।

Posted By: Hemant Kumar Upadhyay

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