गजेंद्र विश्वकर्मा, इंदौर नईदुनिया। शहर इनोवेशन के मामले में भी लगातार आगे बढ़ता जा रहा है। हाल ही में मानव संसाधन मंत्रालय द्वारा इंस्टिट्यूशन इनोवेशन काउंसिल (सीआईआई) के तहत दिल्ली में प्रतियोगिता आयोजित की गई। इसमें देशभर के 950 शिक्षण संस्थानों से छात्रों की 1500 टीम अपने इनोवेटिव स्टार्टअप के साथ शामिल हुईं। इसमें इंदौर में तैयार किए गए आउटडोर एयर प्यूरीफायर ने देश के टॉप- 5 में जगह बनाई। इंजीनियरिंग के इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन ब्रांच के फाइनल ईयर के छात्र हर्ष निखरा, दिव्यांक गुप्ता और गगन त्रिपाठी को केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल 'निशंक" ने छात्रों को अवार्ड दिया।

दिल्ली में प्रदूषण की समस्या देखने के बाद आया आइडिया

हर्ष ने बताया कॉलेज के दूसरे वर्ष की पढ़ाई के दौरान दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण की समस्या पर ध्यान गया। वहां के एक मामले में देखने को मिला था कि ज्यादा प्रदूषण होने से वाहनों के बीच दुर्घटनाएं भी हो रही है। इस समस्या को दूर करने के लिए आउटडोर एयर प्यूरीफायर बनाने पर काम किया। इसमें पांच से छह लाख रुपए खर्च कर चुके हैं। इसमें विशेष नैनो मटेरियल का उपयोग किया गया है जिससे जहरीली गैस को रोका जा सकता है। शहर के चौराहों पर टॉवर बनाकर उपकरण को स्थापित किया जा सकता है।

सोलर एनर्जी से उपकरण अपने आप काम करते रहेंगे और वाहनों से निकलने वाले जहरीली गैसों को फिल्टर करते रहेंगे। उपकरण को पेटेंट के लिए अप्लाई किया है। प्रोडक्ट को पूरी तरह मार्केट में लाने के लिए इन्वेस्टर की तलाश की जा रही है।

एक प्रोडक्ट इंदौर में ही बिका

टीम ने बताया कि करीब तीन साल की रिसर्च के बाद एयर प्यूरीफायर तैयार हो पाया है। इसमें सफलता मिलते ही शहर के एक शिक्षण संस्थान ने एक प्रोडक्ट खरीद लिया है। फंडिंग मिलने के बाद और भी प्रोडक्ट तैयार करेंगे। स्मार्ट सिटी में भी इसका उपयोग करने से प्रदूषण को काफी हद तक कम किया जा सकेगा। स्थानीय प्रशासन और यातायात पुलिस भी इसे चौराहों पर स्थापित कर शहर में प्रदूषण कम करने में योगदान दे सकते हैं।

एसजीएसआईटीएस में तैयार हो रहे हैं 200 बिजनेस आइडिया

एसजीएसआईटीएस के इंक्यूबेशन सेंटर में भी छात्र-छात्राओं को प्रशिक्षण देकर स्टार्टअप शुरू करने के लिए काम किया जा रहा है। इसके तहत 200 से ज्यादा छात्र-छात्राओं को मैटलैब, सिविल सॉफ्टवेयर स्टेट प्रो, इंटरनेट ऑफ थिंक, ऑटो केट, माइक्रो कंट्रोलर, रिमोट सेंसिंग का निशुल्क प्रशिक्षण दिया जा रहा है। डायरेक्टर डॉ. आरके. सक्सेना ने बताया रविवार को संस्थान में इंडियन सोसाइटी फॉर लाइटिंग इंजीनियरिंग के सदस्य भी आएंगे। इसमें किरण पी. शिंदे एयरपोर्ट के रनवे पर लगने वाली लाइटिंग कैसे बनती है और इसे कैसे एयरपोर्ट पर लगाया जाता है के बारे में विस्तार से जानकारी देंगे।