इंदौर। Environment Protection Day 2019 सफाई में नंबर वन आने वाला शहर अब पर्यावरण बचाने में भी अव्वल आने की तैयारी में है। इंदौर ने बीते तीन महीने में 1अरब 50 करोड़ लीटर से ज्यादा पानी जमीन में उतारा है। अगले दो माह में इससे दोगुना पानी जमीन में उतारने की तैयारी है। इसमें आम नागरिकों के साथ ही सभी धर्मों के प्रमुख लोग भी अहम भूमिका निभा रहे हैं। शहर के पश्चिम, मध्य और पूर्वी क्षेत्र में वर्षा जल बचाने के जरिए पर्यावरण बचाने का अभियान तेजी से आगे बढ़ रहा है। तीन माह में इंदौर में 15 हजार 961 मकानों में हार्वेस्टिंग सिस्टम लग चुका है। बारिश का पानी जमीन में उतरने लगा है। माना जा रहा है कि प्रत्येक मकान से मानसून के मौसम में औसतन 1 लाख लीटर पानी जमीन में उतरता है।

पर्यावरण विशेषज्ञों का मानना है कि जितना पानी जमीन में उतरेगा, उतना पर्यावरण को फायदा पहुंचेगा। जमीन में नमी बनी रहने से पेड़-पौधों को पोषण मिलेगा। वे पानी की कमी से नहीं मरेंगे। जल शक्ति अभियान के तहत जहां सरकारी स्तर पर पानी बचाने के लिए प्रयास हो रहे है, वहीं समुदाय व समाज स्तर पर भी लोग बढ़-चढ़ कर हिस्सा ले रहे हैं। अब तक सबसे ज्यादा वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम राऊ, सिलीकॉन सिटी, राजेंद्र नगर क्षेत्र के मकानों में लगे हैं। यहां लोग खुद आगे बढ़कर एक-दूसरे को प्रेरित कर रहे हैं।

आने वाले वर्षों में गिरेगा तापमान, भीषण गर्मी से निजात मिलेगी : विशेषज्ञों ने बताया कि वाटर हार्वेस्टिंग का फायदा आने वाले दिनों में समझ में आएगा। किसी भी क्षेत्र में गर्मी के दिनों में पानी की कमी नहीं रहेगी। वहीं पर्यावरण असंतुलन के कारण लगातार बढ़ रहे तापमान में भी गिरावट आएगी। लोगों को भीषण गर्मी से मामूली निजात मिल सकती है। इससे 4-5 डिग्री तापमान कम होने की संभावना है। चारों तरफ जमीन में नमी रहने से वातावरण में ठंडक महसूस होगी।

60 मस्जिदों में लग चुका सिस्टम

पर्यावरण संरक्षण के लिए सभी धर्मों के लोगों में भारी उत्साह है। अब तक शहर की 60 मस्जिदों में वाटर हार्वेस्टिंग किया जा चुका है। धर्मगुरु आम लोगों को इसे अपनाने के लिए प्रेरित भी कर रहे हैं। इसी तरह 35 मंदिरों, 12 गिरजाघरों और 6 गुरुद्वारों में सिस्टम लग चुके हैं। मिशन के तकनीकी प्रभारी सुरेश एमजी ने बताया कि अगले दो महीने में 50 हजार सिस्टम लगाने का लक्ष्य पूरा करना है।

महत्वपूर्ण प्रयास

जल संरक्षण के क्षेत्र में लोगों का अच्छा सहयोग मिल रहा है। लक्ष्य पाने के लिए सभी स्तर पर प्रयास जारी हैं। अब तक 15 हजार से ज्यादा मकानों में सिस्टम लग गए हैं। ये प्रयास पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में महत्वपूर्ण साबित होंगे। आशीष सिंह निगमायुक्त, इंदौर

Posted By: Prashant Pandey