इंदौर, नईदुनिया प्रतिनिधि Variety of Laddu Modak Indore । गणेशोत्सव में हर दिन गणेशजी को लड्डू और मोदक का भोग लगाने के लिए शहर के मिठान्न भंडार पूरी तरह से तैयार हैं। शहर में लड्डू और मोदक इतने तरह के हैं कि इस पर्व के 10 दिन भी इनके आगे कम हैं। पारंपरिक तौर पर बनने वाले बूंदी, बेसन के लड्डू के अलावा इन दिनों शहर में डेढ़ दर्जन से ज्यादा प्रकार के लड्डू और मोदक बन रहे हैं। खास बात तो यह है कि ये लड्डू व मोदक हर उम्र के लोगों की पसंद के अनुरूप बन रहे हैं इसलिए बूंदी के लड्डू से लेकर चाकलेट मोदक तक बाजार में आ चुके हैं।

लड्डू विक्रेताओं के अनुसार कोरोनाकाल में ऐसे लड्डू व मोदक की मांग में प्राथमिकता आई जिसमें सूखे मेवे हैं ताकि शरीर को सिर्फ कार्बोहाइड्रेट ही नहीं मिले बलि्क प्रोटीन भी मिले। शहर में बनने वाले लड्डू केवल यहीं के ही शौकिन नहीं खाते बलि्क महाराष्ट्र भी जाते हैं।

लड्डू-मोदक के जायके कई

शहर में बेसन, बूंदी, रवा, चुरमा, गेंहू के आटे के लड्डू के अलावा भुट्टे के लड्डू, मलाई मिश्री के लड्डू, सूखे मेवे के लड्डू के अलावा बादाम मोदक, सूखे मेवे के मोदक, खसखस, खोपरा, मेदा, मावा, काजू, केसर, अंजीर के अलावा चाकलेट मोदक प्रमुखता से बनते हैं।

करीब 4 हजार किलो लड्डू की प्रतिदिन बिक्री

इंदौर नमकीन मिठाई एसोसिएशन के अध्यक्ष विकास जैन के अनुसार शहर में मिठाई की करीब 250 दुकानें हैं। इन दुकानों से गणेशोत्सव के दौरान प्रतिदिन करीब 3 से 4 हजार किलो लड्डू की बिक्री होती है। लड्डू और मोदक की सर्वाधिक बिक्री गणेश चतुर्थी और अनंत चतुर्दशी पर होती है। इन दो दिन करीब 10 हजार लड्डू शहरभर में बिकते हैं। इसमें भी गणेश चतुर्थी पर बिकने वाले लड्डुओं की संख्या ज्यादा रहती है।

15 सौ रुपये कीमत तक के लड्डू

मिष्ठान्न विक्रेता श्याम शर्मा के अनुसार शहर में बनने वाले लड्डू महाराष्ट्र भी जाते हैं। इस बार अंजीर, खसखस, बादाम के मोदक खासतौर पर बनाए गए हैं जिसमें जायफल भी डाला गया है ताकि स्वाद के साथ सेहत के लिए भी यह बेहतर रहे। शहर में लड्डू की कीमत 350 रुपये किलो से 15 सौ रुपये किलो तक भी है।

2 रोटी के बराबर एक लड्डू

लड्डू या मोदक किसी का भी बना हो उसमें घी, शकर होने से उसकी कैलोरी बढ़ जाती है। करीब 50 ग्राम सामान्य लड्डू में 150 कैलोरी होती है और यदि लड्डू सूखे मेवे युक्त है तो कैलोरी 200 तक पहुंच जाती है। एक लड्डू का सेवन दो रोटी के बराबर कैलोरी देता है। बेसन या बूंदी के लड्डू से कुछ मात्रा में प्रोटीन मिलता है लेकिन मेदे से बने मोदक में प्रोटीन नहीं मिलता। यदि इसमें सूखे मेवे हों तो कार्बोहाइड्रेट के साथ प्रोटीन मिल सकता है। फिर भी एक दिन में औसत कार्य करने वाले व्यकि्त को एक से अधिक लड्डू नहीं खाना चाहिए। यदि भरपेट खाना खाने के बाद भी यदि आप लड्डू या मोदक खाएं तो व्यायाम जरूर करें।

-डा. मुनिरा हुसैन, आहार एवं पोषण विशेषज्ञ

Posted By: Sameer Deshpande

NaiDunia Local
NaiDunia Local