इंदौर, नईदुनिया प्रतिनिधि Indore News। सत्र 2021-22 में प्रवेश को लेकर प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इस बीच कर्मचारियों की हड़ताल ने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय (देअवीवी) की मुसीबतें बढ़ा दी है। अधिकारी को हटाने को लेकर अड़े कर्मचारियों ने मंगलवार को भी नालंदा और तक्षशिला परिसर में काम नहीं किया। परीक्षा से लेकर रिजल्ट, मार्कशीट-माइग्रेशन और डिग्री का काम प्रभावित रहा। विद्यार्थियों ने अधिकारियों से इन दस्तावेजों को तुरंत जारी करने की गुहार लगाई। मगर उन्होंने भी कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया। बाद में परेशान छात्र-छात्राओं को शनिवार को आने का बोला। उधर उच्च शिक्षा मंत्री मोहन यादव का घंटों इंतजार करने के बाद कर्मचारी संगठन के पदाधिकारी इंदौर लौट आए।

नियमित, स्थाईकर्मी, दैनिक वेतन भोगी, सेवानिवृत्त कर्मचारीयों की विभिन्न लंबित मांगों का निराकरण नहीं होने से कर्मचारी नाराज है। डिप्टी रजिस्ट्रार रचना ठाकुर को हटाने को लेकर कर्मचारी हड़ताल पर चले गए है। दोनों परिसर के कर्मचारी विरोध जता रहे है। मंगलवार को तीन दिन की छुट्टी के बाद डिप्टी रजिस्ट्रार विश्वविद्यालय पहुंची। जहां उन्होंने कर्मचारियों द्वारा लगाए सारे आरोपों को गलत बताया। यहां तक एडमिशन के सामने कर्मचारियों की हड़ताल से अधिकारियों की चिंताएं बढ़ गई है।

मंगलवार को संगठन के पदाधिकारियों को दो कार्यपरिषद सदस्यों ने भी समझाने की कोशिश की। कुलपति डा. रेणु जैन छुट्टी पर होने से विश्वविद्यालय को फैसला लेने में समय लग रहा है। सूत्रों के मुताबिक प्रभारी रजिस्ट्रार अनिल शर्मा ने कुलपति से चर्चा की। जहां उन्होंने छुट्टी से लौटने के बाद फैसला लेने की बात कहीं। यहां तक विश्वविद्यालय का अधिकारी वर्ग डिप्टी रजिस्ट्रार को हटाने की पक्ष में नहीं है। रेक्टर डा. अशोक शर्मा का कहना है कि कर्मचारियों से जुड़े मुद्दों पर विचार-विमर्श किया जा रहा है। अभी कोई फैसला नहीं लिया है।

रजिस्ट्रार ने लिखा पत्र

कर्मचारियों की हड़ताल से काम प्रभावित होते देख मंगलवार शाम को प्रभारी रजिस्ट्रार अनिल शर्मा ने संगठन को पत्र लिखा और कहा कि कुलपति लौटते ही पदाधिकारियों के साथ बैठक कर समस्या का निराकरण किया जाएगा। इन दिनों प्रवेश और रिजल्ट घोषित करने की प्रक्रिया चल रही है। एेसे में काम से बहिष्कार करने की स्थिति में विद्यार्थियों का साल खराब हो सकता है। प्रभारी रजिस्ट्रार शर्मा ने बताया कि कर्मचारियों से बातचीत के लिए संपर्क किया था, लेकिन वे नहीं आए। उधर कर्मचारियों नेताओं का कहना है कि विवि के फैसला लेने के बाद ही कर्मचारी काम पर लौटेंगे।

Posted By: Sameer Deshpande

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