- कुलपति के पास पहुंचा कानूनी नोटिस और भाजपा के नगर अध्यक्ष भी

इंदौर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। देवी अहिल्या विश्वविद्यालय में गुरुवार को कार्यपरिषद की बैठक होगी। डेढ़ साल के अंतराल के बाद आयोजित हो रही बैठक से पहले विश्वविद्यालय में बवाल शुरू हो गया है। बैठक से एक दिन पहले बुधवार को कुलपति के पास कानूनी नोटिस और राजनेता दोनों पहुंच गए। विवि के स्ववित्त विभागों के शिक्षकों के प्रमोशन को अनुचित लाभ दिए जाने को लेकर पूर्व कार्यपरिषद सदस्य ने कानूनी नोटिस भेजा। दूसरी ओर भाजपा के नगर अध्यक्ष स्ववित्त के कर्मचारियों को वेतन-प्रमोशन का लाभ दिलाने की सिफारिश लेकर पहुंचे।

गुरुवार को आयोजित कार्यपरिषद की बैठक में स्ववित्त विभागों के शिक्षकों को दिए गए प्रमोशन पर मंजूरी की मुहर लग सकती है। पूर्व कार्यपरिषद सदस्य डॉ.केके तिवारी ने इसी मुद्दे को लेकर कुलपति प्रो.रेणु जैन के साथ रजिस्ट्रार और कार्यपरिषद के सदस्य समेत 18 लोगों को कानूनी नोटिस भेजा है। वकील विवेक फड़के के जरिए भेजे गए नोटिस में कुलपति समेत कार्यपरिषद सदस्यों और अधिकारियों को ध्यान दिलाया गया है कि शिक्षकों के प्रमोशन (करियर एडवांसमेंट स्कीम) की प्रक्रिया 2015-16 में हुई थी। इसमें नियमों का उल्लंघन कर अपात्रों को लाभ दिया जा रहा है। मामले में हाई कोर्ट में याचिका लंबित है। पूर्व के वर्षों में कार्यपरिषद में शासन के प्रतिनिधि भी इस पर आपत्ति जता चुके हैं। अब तक याचिका लंबित है। ऐसे में अवांछित लाभ देने की कोशिश कर इस मुद्दे को तुरत-फुरत में कार्यपरिषद में पेश कर पास करवाने की कोशिश की जा रही है। ऐसा होता है तो यह कोर्ट की अवमानना होगी। मामले में तिवारी ने कुलाधिपति को भी पत्र लिखा है।

यह कोर्ट की अवमानना नहीं है : विवि

इधर विवि का कहना है कि याचिका में क्योंकि कोर्ट ने स्थगन नहीं दिया है इसलिए वह प्रक्रिया आगे बढ़ाता है तो इसे अवमानना नहीं माना जा सकता। इस बीच शिक्षा अध्ययनशाला के शिक्षक अपने पक्ष में हाई कोर्ट से आदेश ला चुके हैं। नोटिस भेजने वाले कार्यपरिषद सदस्य तिवारी का कहना है कि शिक्षा अध्ययनशाला के शिक्षकों के प्रमोशन पर नोटिस नहीं दिया है। वह स्ववित्त विभाग नहीं है। असल में शिक्षा अध्ययनशाला की आड़ में कुलपति कंप्यूटर साइंस व अन्य स्ववित्त विभागों को लाभ दे रहे हैं।

कर्मचारियों को मिले लाभ

बुधवार दोपहर भाजपा नगर अध्यक्ष गौरव रणदीवे कुलपति से मिलने पहुंचे। उन्होंने स्ववित्त के कर्मचारियों के साथ भेदभाव का आरोप लगाया। रणदीवे ने कहा कि विवि वर्षों से वेतनवृद्धि व अन्य छोटे कर्मचारियों को लाभ देने में भेदभाव कर रहा है। कर्मचारियों को जल्द लाभ दिया जाए। कुलपति ने प्रक्रिया पूरी करने की बात कही। इस पर रणदीवे ने कहा कि प्रक्रिया होती रहेगी आप लाभ देना का निर्णय तुरंत लें।

Posted By: Nai Dunia News Network

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