Indore News: इंदौर, नईदुनिया प्रतिनिधि। बनारस का जिक्र हो और बनारसी कपड़े की बात ना हो भला ये कैसे संभव। पर बनारसी कपड़ा अब केवल साड़ी या ड्रेस मटेरियल तक ही सीमित नहीं बल्कि इससे अब बैग भी बनने लगे हैं। प्लास्टिक मुक्त अभियान में ये बैग मददगार साबित हो रहे हैं। बनारस से आए बुनकर अब्दुल बताते हैं की अब बनारसी कपड़े से बने बैग की मांग भी खासी बढ़ गई है और इसकी बड़ी वजह प्लास्टिक के बैग का उपयोग नहीं करना और डिजाइनर बैग के प्रति बढ़ती ललक है।

अब तो इन बैग के लिए खास तौर पर कपड़ा बनाया जाने लगा है जिससे बैग की फिनिशिंग और भी अच्छी आए। बनारसी कपड़े से बने बैग और साड़ियों की खूबसूरत प्रदर्शनी बास्केटबाल कांप्लेक्स में लगी सिल्क प्रदर्शनी में देखी जा सकती है। इस प्रदर्शनी में बनारस, बिहार, कश्मीर, कर्नाटक, तमिलनाडु, आंध्रप्रदेश, छत्तीसगढ़ के बुनकर अपनी बनकारी के नमूने लेकर आए हैं।

यहां कश्मीर के बड़गाम से आए सब्जार अहमद और ईशान नजर कश्मीरी कसीदाकारी वाले खूबसूरत पोंचो भी लाए हैं। यह पोचों खास तौर पर किशोरावस्था तथा युवतियों के लिए तयार किए गए हैं। ईशान ऊनी साड़ियां भी लाए हैं जिनके साथ मैचिंग स्टोल भी हैं। कश्मीरी वूलन सलवार सूट्स हमेशा की तरह सदाबहार हैं ही।

सिल्क एक्सपो में बनारस की कतान सिल्क की जरी की साड़ियां महिलाओं के लिए आकर्षण का केंद्र हैं।भागलपुर से आए बुनकर अपने साथ सिल्क के ड्रेस मटेरियल और हैंड प्रिंटेड कुर्ते दुपट्टे लेकर आए हैं। मेरठ के जीशान रेडिमेड कुर्ते और पेंट्स लेकर आए हैं।

Posted By: Sameer Deshpande

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