इंदौर, Fake Remdesivir Racket in Indore। नकली रेमडेसिविर कांड का मुख्य आरोपित पुनीत शाह दो साल पूर्व काल सेंटर में नौकरी करता था। इसी दौरान कोशल वोरा से मित्रता हुई थी। कौशल आदिनाथ डिस्पोजल के नाम से मास्क, हैंड ग्लब्स आदि सामान का व्यवसाय करता था। पिछले वर्ष लाकडाउन लगने पर तेजस्वनी नामक युवक ने बताया मेडिकल सेक्टर में अच्छी कमाई है। पुनीत और कौशल ने नकली रेमडेसिविर इंजेक्शन बनाने का तानाबाना बुना और तैयारी कर ली। पुनीत ने ही गूगल पर इंजेक्शन का फार्मूला ढूंढा। डाक्टर ऋतिका ने ओरिजनल इंजेक्शन जुटाने के लिए फर्जी रिपोर्ट बनाने का सुझाव दिया। वह मुंबई पहुंचा और नकली रिपोर्ट के आधार पर एक इंजेक्शन ले आया। दोनों ने शीशी के लिए एसबीएम इंटरप्राइजेस से संपर्क किया और 5 हजार शीशी ले ली। विनय के माध्यम से शीशी और आनलाइन पैकिंग मशीन भी खरीद ली। नागेश नामक युवक से 5700 रेपर प्रिंट करवाए और शीशियों पर चिपकाना शुरू कर दिए।

ग्लूकोज और नमक भरने के लिए वेट मशीन खरीदी और पहली बार में 200 इंजेक्शन तैयार कर लिए। कमलेश मेहता 3500 रुपये प्रतिनग के हिसाब से सभी इंजेक्शन बेच दिए। दूसरी खेप 700 इंजेक्शन की सुनील मिश्रा को दी। संजय पटेल व अन्य के माध्यम से फार्म हाउस किराए पर लिया और हजारों इंजेक्शन बना दिए। छह दिन में सवा करोड़ का व्यापार भी कर लिया। एसपी (पूर्वी) आशुतोष बागरी ने गुजरात पुलिस को इनपुट दे दिया और गिरोहा का भंडाफोड़ कर दिया। एसपी के मुताबिक आरोपितों से पूछताछ लगभग पुरी हो चुकी है। अब उनके खिलाफ साक्ष्य एकत्र किए जा रहे है।

Posted By: Prashant Pandey

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