Coronavirus Alert in Indore इंदौर। कोरोना के कारण विशेष परिस्थिति में ही लोग ट्रेनों में सफर कर रहे हैं। रविवार को दोपहर 12ः05 पर दिल्ली से निजामुद्दीन इंटरसिटी एक्सप्रेस इंदौर रेलवे स्टेशन पर पहुंची। इस दौरान पीएन त्रिपाठी अपने परिवार को लेने आए। ट्रेन से परिवार के उतरने के बाद त्रिपाठी ने सबसे पहले अपने बैग से सैनिटाइजर निकालकर सदस्यों के हाथ साफ करवाए। त्रिपाठी जिला कोर्ट में कार्यरत हैं और विजय नगर क्षेत्र में रहते हैं। हाल ही में उनका ट्रांसफर इंदौर हुआ है। दिल्ली में बच्चों की परीक्षाएं थीं। इस वजह से उनकी पत्नी सावित्री बच्चों को लेकर रविवार को ट्रेन से इंदौर पहुंची।

मथुरा से निजामुद्दीन ट्रेन में आए स्कीम-71 में रहने वाले अंकित शर्मा ने बताया कि उनके कोच में 10-12 यात्री ही थे। सभी ने सैनिटाइजर और मास्क का इस्तेमाल किया। उनका डांस ग्रुप पिछले आठ दिन से मथुरा में भजन संध्या के कार्यक्रम के लिए गया था। इंदौर आना जरूरी था। इस वजह से रविवार को वे ट्रेन पकड़कर अपने घर आए। दिल्ली से ट्रेन में आसिफ अख्तर और उनका परिवार भी आया। आसिफ ने बताया कि पत्नी की आंख का ऑपरेशन करवाने दिल्ली गए थे। वे आठ दिन से वहां थे। रविवार को लौटने का टिकट था। इस वजह ट्रेन से आए। इसी ट्रेन से आए कैलाश कुमार ने बताया कि वे लाड़काना नगर में रहते हैं। वे दिल्ली अपने रिश्तेदार के यहां गए थे। वहां गाड़ियां-दुकानें बंद होने के कारण उन्होंने अपने परिवार के साथ इंदौर स्थित घर आने का निर्णय लिया।

दिल्ली में बेहतर हालात नहीं होने से घर लौटे बड़वानी और मनावर के युवा

कोरोना को लेकर दिल्ली में काफी सख्ती हो रही है। परिवहन के साधन बंद हैं और दुकानें भी। ये बातें दिल्ली से ट्रेन में लौटे कमल मंडलोई, अमर बघेल और आशीष ने बताई। बड़वानी और मनावर के रहने वाले ये युवा दिल्ली से अपने घरों को लौटे। उन्होंने बताया कि आम दिनों में दिल्ली से आने वाली इस ट्रेन में आसानी से टिकट नहीं मिलता है, लेकिन शनिवार को उसी दिन का टिकट आसानी से मिल गया। रविवार को इंदौर में बड़वानी या मनावर की बस नहीं मिलने के कारण इन युवाओं ने अपने दोस्त के घर पर रहने का निर्णय लिया। बंगाली चौराहा स्थित कॉलोनी में रहने निशांत तिवारी ने बताया कि दिल्ली में पांच से ज्यादा लोग इकठ्ठा नहीं हो रहे हैं।

ट्रेनों का परिचालन बंद होने से छाया सन्नाटा

रविवार को जनता कर्फ्यू को लेकर इंदौर से ट्रेनों का परिचालन बंद होने के कारण स्टेशन सुनसान रहा। आम दिनों में जिस स्टेशन पर यात्रियों की हलचल रहती है, वहां रविवार को सिर्फ रेलवे, आरपीएफ, जीआरपी व सफाईकर्मी ही मौजूद थे। आईलैंड प्लेटफॉर्म पर न कोई ट्रेन आने वाली थी और न ही जाने वाली थी। इस वजह से सुबह 7 बजे से रेलवे के अधिकारियों ने आईलैंड प्लेटफॉर्म (5 व 6) में प्रवेश के रास्ते पर बैरिकेड्स लगा दिए थे। रविवार सुबह स्टेशन पर आधा दर्जन से ज्यादा ट्रेनें ही पहुंचीं। प्रत्येक ट्रेनों में 100 से 200 यात्री ही आए।

Posted By: Nai Dunia News Network

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