Indore News: इंदौर, नईदुनिया प्रतिनिधि। सोमवार सुबह किसान संगठनों के नेताओं ने छावनी अनाज मंडी पहुंचकर किसानी मंडी में व्यापार बंद करवा दिया। संयुक्त किसान मोर्चा और किसान मजदूर सेना के पदाधिकारी मंडी पहुंचे गेट बंद कर दिया और नीलामी भी रोक दी गई। किसान नेता बीते दिनों मंडी में कुछ व्यापारियों द्वारा किसानों से गेहूं खरीदी के बाद भुगतान नहीं करने की शिकायत कर रहे हैं।

सप्ताहभर पहले मामला सामने आया था कि मई माह के पहले सप्ताह मेें कुछ व्यापारियों ने किसानों से गेहूं तो खरीदा था लेकिन उसका भुगतान अब तक नहीं किया है। इस मामले में मंडी प्रशासन ने कुछ व्यापारी और फर्मों पर कार्रवाई करते हुए उनकी आवक-जावक भी रोक दी थी। हालांकि अब पता चला है कि इनमें से कुछ व्यापारियों ने मिलीभगत से रोका गया अपना माल भी मंडी से निकलवाकर गोदामों में पहुंचा दिया है। सोमवार को मंडी पहुंचे किसान नेताओं ने मांग की कि अभी तक भी सिर्फ 40 लाख रुपये का भुगतान हुआ है। जबकि 186 से ज्यादा किसानों के पौने तीन करोड़ रुपये अब भी अटके हुए हैं।

मंडी प्रशासन की लापरवाही के कारण किसानों को अब तक रुपया नहीं मिल सका है। किसानों के प्रदर्शन के कारण मंडी में नीलामी और कामकाज पूरी तरह ठप हो गया। इस दौरान माल बेचने के लिए आए किसानों की करीब 100 से ज्यादा गाड़ियां मंडी में ही खड़ी रही। खबर लिखे जाने तक किसान संगठनों का प्रदर्शन जारी है। किसान संगठनों की ओर से व्यापारियों को माल खरीदी के समय तुरंत और नकद भुगतान किए जाने की मांग भी की जा रही है। दो दिन पहले मंडी प्रशासन ने इस बारे में आदेश जारी किया था। हालांकि व्यापारी इस आदेश पर अमल संभव नहीं बता रहे हैं। मंडी प्रशासन ने सभी व्यापारियों को निर्देश दिया है कि 2 लाख रुपये तक का नकद भुगतान हाथों-हाथ किया जाए।

Posted By: Sameer Deshpande

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