इंदौर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। धार जिले के 70 वर्षीय चिकित्सक डा. राज बरफा के हृदय का वाल्व खराब होने पर इंदौर के अपोलो अस्पताल में ट्रांस कैथेटर एरोटिक वाल्व इंप्लांटेशन (टीएवीआइ) तकनीक के माध्यम से रविवार को सर्जरी की गई। 25 मिनट में यह सर्जरी सीनियर इंटरवेंशन कार्डियोलाजिस्ट डा. सरिता राव और उनकी टीम ने की। इसे 18 देशों के 36 लोकेशन पर चिकित्सकों की टीम ने वर्ल्ड विमेंस कार्डियक केयर वर्चुअल कांफ्रेंस के तहत लाइव देखा।

डा. राव के अनुसार आमतौर पर जब हृदय के एरोटिक वाल्व में सिकुड़न होने लगती है तो शरीर मंे 2 इंच का चीरा लगाकर ही इस वाल्व को बदला जाता है लेकिन टीएवीआइ तकनीक में मरीज की पिन होल सर्जरी की जाती है। इसमें मनुष्य की जांघ के माध्यम से वाल्व को हृदय में ले जाकर लगाया जाता है। इस तरह की सर्जरी में मरीज को जनरल एनेस्थीसिया नहीं देना पड़ता और मरीज को कार्डियो पल्मोनरी बायपास मशीन पर नहीं रखना पड़ता है। मरीज के शरीर कोई चीरा या टांके नहीं लगते हैं। मरीज स्वस्थ होकर अगले दिन अपने घर जा सकता है।

मरीज डा. राज बरफा की रविवार शाम 6 बजे सफल सर्जरी हुई और सोमवार सुबह वे चल-फिर पा रहे थे। अपोलो अस्पताल में अब तक डा. राव टीएवीआइ तकनीक से तीन सफलतम सर्जरी कर चुकी हैं। यह पहला मौका था जब इस सर्जरी को अन्य देशों के चिकित्सकों को लाइव दिखाया गया।

इसमें नर्सिंग स्टाफ नेहा राज चौरसिया, जोमोल जोसेफ, यास्मीन खान, पिंकी मालवीय और समन्वयक मेघा भराड़े सहयोगी थीं। डा. बरफा के अनुसार जनरल चेकअप में मुझे पता चला था कि मेरे वाल्व में खराबी है। इसके इलाज के लिए मैं मुंबई और दिल्ली के चिकित्सकों से भी मिला। उसके बाद मुझे जानकारी मिली कि अपोलो अस्पताल में बिना चीरा लगाए यह सर्जरी हो सकती है तो मैं इसके लिए तैयार हो गया।

Posted By: Hemant Kumar Upadhyay

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