इंदौर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। 9वीं कक्षा में पढ़ने वाली छात्रा के साथ अश्लील हरकत करने और उसके मोबाइल पर अश्लील फोटो भेजने वाले शिक्षक को विशेष न्यायालय ने पांच साल कठोर कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने माना कि आरोपित ने शिक्षक की गरिमा को खंडित किया है। अभिभावक अपने बच्चों को स्कूल इसलिए भेजते हैं, ताकि शिक्षक उन्हें तराश सकें और उन्हें बेहतर संस्कार दे सकें, लेकिन आरोपित ने इसके ठीक विपरीत आचरण किया है। उसका यह कृत्य किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं हो सकता। उसे कठोर दंड दिया जाना जरूरी है, ताकि ऐसे लोगों को सबक मिले। कोर्ट ने आरोपित पर छह हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है।

स्कूल में चूमते हैं सर, स्कूल से बाहर चलने का बनाते हैं दबाव

वारदात करीब डेढ़ साल पुरानी है। 28 जून 2020 को राजेंद्र नगर क्षेत्र में रहने वाली 9वीं कक्षा की छात्रा ने माता-पिता के साथ पुलिस थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई थी। उसने कहा कि वह जिस स्कूल में पढ़ती है, वहां के एक शिक्षक उसके साथ अश्लील हरकत करते हैं। वक्त-बेवक्त उसे बुलाकर चूमते हैं और जबरदस्ती अपने साथ स्कूल के बाहर ले जाते हैं। शिक्षक छात्रा पर दबाव बना रहा था कि वह उसे फोन पर अपने अश्लील फोटो भेजे। शिक्षक ने खुद भी अपने अश्लील फोटो छात्रा को भेजे थे।

शिकायत पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने शिक्षक पर प्रकरण दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद से ही आरोपित जेल में था। उसने सत्र न्यायालय और हाई कोर्ट में जमानत के लिए याचिका दायर की थी, लेकिन न्यायालय ने उसे किसी तरह की राहत देने से इन्कार कर दिया। अभियोजन की तरफ से विशेष लोक अभियोजक प्रीति अग्रवाल ने पैरवी की। जिला अभियोजन अधिकारी संजीव श्रीवास्तव ने बताया कि विशेष न्यायालय ने इस मामले में निर्णय पारित करते हुए आरोपित शिक्षक को पांच साल कठोर कारावास और छह हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।

महिला एडपीओ को किया नियुक्त

नाबालिग बेबाकी से उसके साथ हुई वारदात न्यायालय को बता सके, इसलिए महिला एडीपीओ को नियुक्त किया गया। प्रकरण की सुनवाई भी महिला न्यायाधीश के समक्ष की गई। एडीपीओ अग्रवाल ने बताया कि अभियोजन ने आरोपित के कृत्य को साबित करने के लिए वाट्सएप चैटिंग और रिकार्डिंग न्यायालय में प्रस्तुत की। आरोपित अपने आप को बेगुनाह साबित करने के लिए स्कूल के कुछ शिक्षकों को लेकर आया था, लेकिन न्यायालय ने उनके बयानों को विश्वसनीय नहीं माना।

पुलिस कुछ और साक्ष्य देती तो और कठोर दंड दिलवाते

एडीपीओ अग्रवाल ने बताया कि अभियोजन ने आरोपित के कृत्य की निंदा करते हुए उसे कठोर से कठोर दंड देने की गुहार लगाई थी। न्यायालय ने इसे स्वीकार भी किया। पुलिस ने मामले में कुछ और साक्ष्य एकत्रित किए होते तो और कठोर दंड दिलवाया जा सकता था।

तस्करी करने वाला आरोपित 10 किलो गांजे के साथ गिरफ्तार

परदेशीपुरा थाना पुलिस ने गांजे की तस्करी करने वाले आरोपित दीपक पुत्र राजेन्द्र शर्मा निवासी बाणगंगा को गिरफ्तार किया है। आरोपित के पास 10 किलो गांजा भी जब्त किया है, गांजे की कीमत करीब 50 हजार रुपये है।टीआइ पंकज द्विवेदी ने बताया कि मुखबिर से सूचना मिली थी कि राजकुमार सब्जी मंडी एमआर 4 रोड की तरफ से एक व्यक्ति अवैध रूप से गांजा बेचने के लिए जाने वाला है।

मुखबिर की सूचना पर क्राइम ब्रांच और परदेशीपुरा थाने की टीम मौके पर पहुंची और आरोपित की घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार कर लिया।आरोपित से पूछताछ की जा रही है कि वह गांजा कहां से लाया था और किसे बेचने जा रहा था।साथ ही उसकी पुराने अपराधों की जानकारी भी निकाली जा रही है।

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