मालवा-निमाड़ (हमारे प्रतिनिधि)। Floods in Madhya Pradesh : अंचल में बारिश थम गई है, लेकिन नर्मदा नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर है। देवास के नेमावर में सोमवार को पानी उतरने के बाद बर्बादी का मंजर सामने आया। इंदौर-बैतूल राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित नर्मदा पुल से भारी वाहनों की आवाजाही करीब 10 दिन तक प्रतिबंधित रहेगी। खंडवा में मोरटक्का पुल 48 घंटों से डूबा है। देवास जिले के नेमावर में नर्मदा नदी का जलस्तर कम हो गया, लेकिन सोमवार शाम तक भी खतरे के निशान 885 फीट से अधिक 894 फीट पर है।

नेमावर गांव में पानी उतर गया है, लेकिन अभी वार्ड 14 और 15 के लोगों को आवाजाही के लिए रास्ता नहीं मिल पाया है। विस्थापित किए गए लोग घरों में लौटकर सफाई करने में जुट गए हैं। सतवास, कन्नौद, खातेगांव, लोहारदा नगर परिषद के सफाईकर्मियों को भी नेमावर बुलाकर काम करवाया जा रहा है।

यहां बाढ़ से कई घर, दीवारें और पेड़ गिर गए। इससे गृहस्थी का सामान तहस-नहस हो गया। इंदौर-बैतूल राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित नेमावर नर्मदा पुल से भारी वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित कर दी गई है। प्रशासन का कहना है कि कम से कम दस दिन तक पुल से आवाजाही शुरू नहीं की जाएगी।

खातेगांव विधायक आशीष शर्मा ने बताया कि नेमावर के हालात से मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान को अवगत करा दिया गया है। शीघ्र ही मुख्यमंत्री बाढ़ पीड़ितों से मिलने नेमावर आएंगे। बाढ़ पीड़ितों को होने वाले नुकसान का आकलन करने के निर्देश दे दिए गए हैं।

दोनों बांधों से छोड़ा जा रहा है पानी

खंडवा में इंदिरासागर बांध के 20 गेटों से 30 हजार 380 क्यूमैक्स और आठ टरबाइन से 1840 क्यूमैक्स (लगभग 32 हजार 420 क्यूमैक्स) पानी प्रति सेकंड नर्मदा नदी में छोड़ा जा रहा है। बांध का जलस्तर 262.12 मीटर बना हुआ है, जबकि इसकी पूर्ण जलभराव क्षमता 262.13 मीटर है।

इसी तरह ओंकारेश्वर बांध के 23 में से 21 गेट से लगभग 33 हजार 374 क्यूमैक्स पानी प्रति सेकंड नर्मदा नदी में छोड़ा जा रहा है, वहीं सभी टरबाइनें बंद हैं। नर्मदा में उफान से 48 घंटों से इंदौर-इच्छापुर राजमार्ग पर मोरटक्का का पुल पानी में पूरी तरह डूबा हुआ है। यहां नर्मदा का जलस्तर 169.400 मीटर बना हुआ है, वहीं नर्मदानगर-भोपाल मार्ग पर नर्मदानगर के पुल से वाहनों की आवाजाही बंद है। ओंकारेश्वर बांध का जलस्तर 193.80 मीटर है जबकि कुल जलभराव क्षमता 196.60 मीटर है।

मंदसौर : गांधीसागर के अब तीन गेट ही खुले

मंदसौर में सोमवार दोपहर 12ः30 बजे गांधीसागर बांध का जलस्तर 1306.33 फीट था। बांध में पानी की आवक 98 हजार 831 क्यूसेक थी और 2 लाख 69 हजार 989 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा था। सोमवार शाम तक गांधीसागर बांध के गेटों की संख्या कम कर दी गई। अब तीन ही गेट खुले हुए हैं। इसके पूर्व 16 गेट खुले थे।

बड़वानी : जलस्तर में सतत बढ़ोतरी बांधों से लगातार छोड़े जा रहे पानी के चलते जिला मुख्यालय के समीप राजघाट में नर्मदा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। सोमवार शाम छह बजे राजघाट में जलस्तर खतरे के निशान से करीब 11 मीटर अधिक अर्थात 134.350 मीटर पहुंच गया। इससे बड़वानी-राजघाट मार्ग की दूसरी पुलिया भी जलमग्न हो गई। बता दें कि सरदार सरोवर को पूर्ण निर्धारित क्षमता तक भरे जाने पर राजघाट में जलस्तर 138.680 मीटर तक पहुंचेगा। गत वर्ष पहली बार सरदार सरोवर को पूर्ण निर्धारित क्षमता तक भरा गया था।

ये मार्ग बंद देवास : इंदौर-बैतूल राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित नेमावर में नर्मदा पुल से भारी वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित। खंडवा : इंदौर-इच्छापुर राजमार्ग स्थित मोरटक्का पुल पर पानी। आवाजाही प्रतिबंधित। खंडवा : नर्मदानगर-भोपाल मार्ग पर नर्मदानगर के पुल से वाहनों की आवाजाही बंद।ऽ

Posted By: Hemant Kumar Upadhyay

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