जितेंद्र यादव, इंदौर । मध्यप्रदेश में सहकारिता विभाग का उपयोग करके बचत के नाम पर किस तरह संस्था का गठन किया जाता है, फिर साल-दो साल में ही जमाकर्ताओं से लाखों-करोड़ों का माल बटोरकर लोग रातोरात गायब हो जाते हैं, इसकी ताजा बानगी सामने आई है। इंदौर की एयू क्रेडिट को-आपरेटिव सोसाइटी में इंदौर, महेश्वर और मनावर के 700 से अधिक जमाकर्ताओं के लाखों रुपये जमा कराए गए और संस्था का मास्टर माइंड अध्यक्ष भूपेंद्र तेली सारा माल लेकर रफूचक्कर हो गया।

इस घपले के बाद सहकारिता विभाग में भी लापरवाही का आलम चल रहा है। जमाकर्ताओं की शिकायत के बाद दो साल पहले विभाग ने जांच शुरू की। तीन सदस्यीय जांच दल ने कछुआ चाल से करीब पौने दो साल में यह जांच पूरी की और चार महीने पहले वरिष्ठ अधिकारियों को रिपोर्ट सौंपी। इसके बाद भी अब तक संस्था के कर्ताधर्ता और अन्य आरोपितों के खिलाफ आर्थिक अपराध का मुकदमा दर्ज नहीं कराया गया है। संयुक्त आयुक्त द्वारा वरिष्ठ सहकारी निरीक्षक डीपी खरिया को मुकदमा दर्ज कराने के लिए दो-तीन बार नोटिस जारी किया जा चुका है।

उधर पुलिस के आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ के भोपाल मुख्यालय से भी मामले की जांच के निर्देश हुए हैं। ईओडब्ल्यू के इंदौर के अधिकारी भी सहकारिता विभाग से जांच रिपोर्ट और अन्य दस्तावेज मांग रहे हैं, ताकि संस्था में आगे की कार्रवाई की जा सके। सहकारिता विभाग की ओर से अंकेक्षण अधिकारी डीएस चौहान, वरिष्ठ सहकारी निरीक्षक संतोष जोशी और सतीश खंडेलवाल ने जांच की थी। जांच दल को संस्था का पूरा रिकार्ड नहीं मिल पाया। उपलब्ध रिकार्ड और शिकायतकर्ताओं के बयान के आधार पर करीब 38 लाख रुपये का गबन और घोटाला सामने आया है।

राजस्थान के तेली ने इंदौर आकर इस तरह बुना घपले का ताना-बाना

- एयू क्रेडिट को-आपरेटिव सोसाइटी का अध्यक्ष और मास्टर माइंड भूपेंद्र तेली मूलत: राजस्थान का है। उसने इंदौर के खजराना क्षेत्र में निवास बनाकर वर्ष 2018 में इस संस्था का गठन किया। उसने पलासिया में चतुर्वेदी मेंशन में संस्था का मुख्यालय बनाया। इसके बाद शहर के अन्नपूर्णा क्षेत्र, मांगलिया, खरगोन जिले के महेश्वर और धार जिले के मनावर में संस्था की शाखाएं शुरू कीं।

- तेली खुद संस्था का अध्यक्ष बना और इंदौर और आसपास के ही कुछ लोगों को संचालक बना लिया। संस्था का कार्यक्षेत्र इंदौर संभाग था, लेकिन संस्था गठन के समय कार्यक्षेत्र के बाहर जाकर शाजापुर, देवास और राजसेन जिलों के भी प्रवर्तक सदस्य बना लिए गए। शाखाएं खोलने के लिए अन्य जिलों के सहकारिता उपायुक्तों से भी कोई अनुमति नहीं ली।

- जांच रिपोर्ट में तेली के अलावा संस्था के उपाध्यक्ष राकेश वर्मा और दामिनी पंड्या, संचालक नरेंद्र प्रतापसिंह, निधि गोयल, रेखा गोयल, मनोज पंड्या, अनिकेत गोयल, अतुल भावसार, प्रतीक गोयल, मुकेश चौहान, सतीश वर्मा, भूपेंद्र बामनिया, कमलेश घीसालाल और अजय सोलंकी को दोषी ठहराया गया है। शिकायतकर्ताओं के अनुसार तेली के साथ महेश्वर शाखा के प्रबंधक सईद खान की भी लिप्तता सामने आ रही है।

एयू क्रेडिट को-आपरेटिव सोसाइटी की जांच में संस्था अध्यक्ष भूपेंद्र तेली के साथ ही अन्य संचालक दोषी पाए गए हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद से दोषियों के खिलाफ एफआइआर के लिए दो वरिष्ठ सहकारिता निरीक्षकों को लिखा जा चुका है। जमाकर्ताओं की राशि का गबन करने के कारण संचालक मंडल के दोषी संचालकों से वसूली के लिए सहकारिता अधिनियम की धारा-53बी का केस भी दर्ज किया जाएगा।

- जगदीश कनौज, संयुक्त आयुक्त, सहकारिता

Posted By: Sameer Deshpande

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