इंदौर, नईदुनिया प्रतिनिधि Dengue Test In Indore । शहर में डेंगू का संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है लेकिन स्वास्थ्य विभाग के पास मरीजों के सैंपल ही नहीं पहुंच रहे है। डेंगू संभावित मरीजों की निजी अस्पतालों में रैपिड जांच के पश्चात ही उपचार शुरू कर दिया जाता है। नियमानुसार डेंगू के मरीजों के सैंपल निजी अस्पतालों द्वारा एमजीएम मेडिकल कालेज या पीसी सेठी अस्पताल में एलाइजा टेस्ट लिए भेजे जाने का प्रविधान है ताकि डेंगू की पुष्टि की जा सके। यह जांच इन दोनाें संस्थानों में नि:शुल्क होती है। हकीकत यह है कि निजी अस्पताल मरीजों के सैंपल ही नहीं भेज रहे हैं।

यही वजह है कि सीएमएचओ द्वारा बुधवार को शहर के सभी निजी अस्पतालों को निर्देश दिए हैं कि वह डेंगू संभावित मरीजों के सैंपल भेजें। गौरतलब है कि अभी निजी अस्पतालों से एलाइजा टेस्ट के लिए हर दिन 12 से 13 सैंपल ही स्वास्थ्य विभाग काे मिल रहे हैं, जबकि हालात यह है कि कई बड़े अस्पतालों में डेंगू के दर्जनों मरीज भर्ती है और उनका उपचार भी किया जा रहा है। निजी अस्पताल ऐसे मरीजों की रैपिड जांच के बाद ही भर्ती कर उपचार तो कर रहे हैं लेकिन एलाइजा टेस्ट के लिए उनके सैंपल स्वास्थ विभाग को नहीं भेज रहे है।

रैपिड टेस्ट में 510 मरीज मिले है संभावित पाजिटिव

शहर के निजी अस्पतालों और निजी लैब में डेंगू वायरस के करीब 510 लोगों की रैपिड जांच हुई है जिनमें डेंगू वायरस की संभावना मिली है। हालांकि रैपिड टेस्ट के पाजिटिव आने के बाद भी जब तक मरीज के सैंपल का एलाइजा टेस्ट नहीं होता है। मरीज के डेंगू पाजिटिव आने की रिपोर्ट स्वास्थ्य विभाग दर्ज नहीं करता है। जिला मलेरिया अधिकारी डा. दौलत पटेल के मुताबिक अभी तक करीब 500 केस रेपिड पाजिटिव आए हैं। रेपिड जांच के गलत आने की संभावना रहती है, इस वजह से एलाइजा टेस्ट करवाया जाता है। एलाइजा टेस्ट में अब तक 164 केस डेंगू पाजिटिव मिले है।

अब तक 953 घरों में मिला है लार्वा

बुधवार को शहर में डेंगू की जांच के लिए 499 घरों का सर्वे हुआ जिनमें से अभी तक सिर्फ 15 घरों में ही लार्वा मिला है। अब तक शहर में स्वास्थ विभाग की टीमों द्वारा 47 हजार 218 घरों का सर्वे किया गया है। इसमें से अभी तक 953 घरों में लार्वा मिला है।

Posted By: Sameer Deshpande

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