Navratri 2022: इंदौर, नईदुनिया प्रतिनिधि। शक्ति की उपासना के नौ दिनी पर्व शारदीय नवरात्र की शुरुआत सोमवार से हर्षोल्लास के साथ हुई। इस बार मां दुर्गा समृद्धि का प्रतीक गज पर सवार होकर आई हैं। इंदौर में जगह-जगह अलग स्वरूप बने पंडालों में माता की 25 फीट ऊंची तक की मूर्तियों को विराजित किया गया। दिनभर विधि-विधान से माता का आह्वान कर घट स्थापना हुई।

इस बार नवरात्र के नौ दिनी में से छह दिन मंगलकारी संयोग बन रहा है। इसमें एक दिन द्विपुष्कर, दो दिन सर्वार्थसिद्धि और तीन दिन रवि योग बनेंगे। इस दौरान पंडालों में गरबे खेले जाएंगे।

काली मंदिर खजराना के आचार्य ज्योर्तिविद् शिवप्रसाद तिवारी के मुताबिक नवरात्र 26 सितंबर से 4 अक्टूबर तक होगा। मां दुर्गा ब्रह्म योग में सुख-समृद्धि और खुशहाली लेकर हाथी पर सवार होकर आएगी। प्रतिपदा तिथि 25 को रात तीन बजकर 23 मिनट से 26 की रात तीन बजकर 08 मिनट तक रहेगी। माता का आगमन सोमवार के दिन हो रहा है। ऐसा माना जाता है कि रविवार और सोमवार को माता का आगमन हाथी पर होता है। हाथी सुख-समृद्धि का प्रतीक है। कहा जाता है कि माता का आगमन हाथी और नौका पर होता वह साधक के लिए कल्याणकारी होता है।

नौ दिन में बनेंगे ये खास संयोग

ज्योर्तिविद् कान्हा जोशी के मुताबिक, नवरात्र में कुछ खास योग बन रहे हैं। इसमें पूजन विशेष फलदायी रहेगा। 27 सितंबर को द्विपुष्कर योग और 29 सितंबर, 1 अक्टूबर और 4 अक्टूबर नवमी को रवि योग रहेगा। इसके अतिरिक्त 30 सितंबर और 2 अक्टूबर को सप्तमी के दिन सर्वार्थसिद्धि योग रहेगा। इस बार पूरे नौ दिनों की नवरात्र है।

नवरात्र पर घटस्थापना के लिए शुभ मुहूर्त सर्वश्रेष्ठ मुहूर्त

- सुबह 04.29.29 से 05.41.59 तक (ब्रह्मवेला स्थिर सिंह लग्न नवांश शुभ चौघड़िया)

- सुबह 07.37.40 से 07.47.11 तक(ब्रह्मवेला द्विस्व. कन्या लग्न नवांश अमृत चौघड़िया)- सुबह 11.51.42 से दोपहर 12.22.18 तक (अभिजित स्थिर वृश्चिक लग्न) चौघडियानुसार मुहूर्त- अमृत: सुबह 06.18 से 07.47 तक। - शुभ: सुबह 09.16 से 10.46 तक।- चर : दोपहर 01.45 मि. से 03.14 तक।- लाभ: दोपहर 03.15 से 04.44 तक।- अमृत :शाम 04.45 से 06.13 तक

550 पंडालों में विराजेगी बड़ी मूर्तियां, 25 फीसद मां काली का स्वरूप की

इस बार 550 से अधिक पंडालों में माता की बड़ी मूर्तियों की स्थापना होगी। इसके लिए शहर के 20 कारखानों में 5 फीट से लेकर 25 फीट की माता की मूर्तियां बनाई गई है। माता के अलग-अलग स्वरूप की 11 हजार से लेकर सवा लाख तक की कीमत की मूर्तियों का निर्माण किया गया है। इस बार मां दुर्गा की मूर्तियों के साथ ही मां काली की मूर्तियों की मांग अधिक है। पिछले सालों के मुकाबले इस बार उत्सवी उल्लास अधिक है।

माता की सबसे बड़ी प्रतिमा कृष्णपुरा छत्री क्षेत्र के पंडाल में स्थापित की जाएगी, जो 25 फीट की होगी। मूर्तिकार अतुल पाल ने बताया कि इंदौर के साथ ही उज्जैन, कुक्षी, मनावर, मंदसौर, मक्सी और कुछ अन्य शहरों के लिए मां की प्रतिमाएं बंगाली मूर्तिकारों ने तैयार की है। करीब 20 कारखानों में 6 हजार से अधिक मूर्तियां बनाई गई है।इस बार मां काली के स्वरूप की करीब 20 फीसदी मूर्तियां बनाई गई है।

कहा कैसा होगा स्वरूप: कहीं हरसिद्धि मंदिर की प्रतिकृति तो कही 21 फीट उंची शेरावाली

- श्रमिक क्षेत्र के पंचम की फेल में मां काली की 21 फीट की प्रतिमा और बर्फानी धाम के सामने 15 फीट की मां काली की मूर्ति की स्थापना की जाएगी।

- मूसाखेड़ी में भी 21-21 फीट की मां शेरावाली, मां काली और भोलेनाथ की प्रतिमा की स्थापना की जाना है, जिसे बंगाली मूर्तिकारों ने तैयार किया है। इसकी कीमत सवा लाख है।

- उज्जैन महाकाल मंदिर के सामने विराजित करने के लिए भी मूर्ति इंदौर में तैयार की गई। उज्जैन के लिए मां के साथ उनके पूरे परिवार की मूर्ति तैयार की जा रही हैं, जो बैलगाड़ी पर सवार होंगी। इसका आकार 24 फीट चौड़ा और 15 फीट ऊंचा होगा।

- सार्वजनिक महोत्सव समिति द्वारा जयरामपुर कालोनी में इस वर्ष मां हरसिद्धि माता मंदिर उज्जैन की प्रतिकृति बनाई जाएगी।इसमें माता हरसिद्धि को विराजित किया जाएगा।

- नवयुवक गरबा मंडल आरटीओ रोड़ द्वारा 16 फीट उंची महिषासुर मर्दनी की मूर्ति विराजित की जाएगी।

बिजासन माता मंदिर में लगेगा मेला, अन्नपूर्णा माता मंदिर हर दिन तीन बार शृंगार

- बिजासन माता मंदिर : बिजासन माता मंदिर में नौ दिनी मेला लगेगा। पूजन सामग्री की दुकानों के साथ ही खाने-पीने के व्यंजन के स्टाल भी लगेगा। हालांकि इस बार झूले नहीं लगाए जा रहे हैं। पुजारी सतीश वनगोस्वामी ने बताया कि सुबह 5 बजे घट स्थापना होगी। माता का मनोहारी शृंगार किया जाएगा और हर दिन होने वाले यज्ञ में आहुतिया डाली जाएगी।

- अन्नपूर्णा माता मंदिर : शहर के पश्चिम क्षेत्र स्थित अन्नपूर्णा माता मंदिर में अभिजीत मुहूर्त में दोपहर 12 बजे घट स्थापना की जाएगी। इस दौरान 11 विद्वानों द्वारा सतत सतचंडी महायज्ञ किया जाएगा। इस दौरान हर दिन दिन में तीन बार माता का श्रृंगार और भोग लगाया जाएगा। ट्रस्टी श्याम सिंघल के अनुसार दर्शन की व्यवस्था में श्रद्धालुओं की संख्या के हिसाब से फेर बदल होगा।

- श्रीविद्याधाम एरोड्रम यज्ञ : एरोड्रम रोड स्थित श्रीविद्याधाम पर नवरात्र महोत्सव में सग्रहमख शतचंडी महायज्ञ होगा। ट्रस्ट के पं. दिनेश शर्मा के अनुसार सुबह 7.30 बजे वेद पाठ व षोडशोपचार पूजन किया जाएगा। इसके बाद 8.30 बजे शृंगार आरती होगी।दोपहर 2 बजे महायज्ञ, शाम 5.30 बजे ललिता सहस्त्र नामावली द्वारा सहस्त्रार्चना व शाम 7.30 बजे महाआरती की जाएगी।

- काली मंदिर खजराना : काली मंदिर खजराना में प्रतीकात्मक हर दिन 101 लीटर दूध से मां काली का अभिषेक होगा। इस दूध को गरीब बच्चों में वितरित किया जाएगा। पुजारी गुलशन अग्रवाल ने बताया कि हर दिन शृंगार और यज्ञ होगा। इसमें यज्ञ में आहुतिया डाली जाएगी।

- दुर्गा माता मंदिर : वैभव नगर दुर्गा माता मंदिर ट्रस्ट द्वारा दुर्गा माता मंदिर में महोत्सव की शुरुआत घट स्थापना के साथ होगी। ट्रस्टी राजेंद्र नागर व प्रवीण श्रीवास्तव के मुताबिक हर दिन गायत्री यज्ञ, दुर्गा सप्तशती पाठ विद्वानों द्वारा कराया जाएगा। इसके साथ ही दोपहर को 3 से वैभव महिला भजन मंडल द्वारा भजन किए जाएंगे।

Posted By: Sameer Deshpande

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