Indore News: इंदौर, नईदुनिया प्रतिनिधि। 24 हजार मतदाता वाले 23 नंबर वार्ड में 11500 महिला मतदाता हैं। वार्ड में 12 कालोनियां और एक बस्ती है। पहले वार्ड में 27 बूथ होते थे, अब 30 हो गए हैं। वार्ड में 70 प्रतिशत रहवासी और 30 प्रतिशत व्यवसायिक क्षेत्र हैं। इसमें दुकानें, होटल और अन्य व्यवसाय संचालित हो रहे हैं। वार्ड में कनकेश्वरी माता मंदिर, तीन जैन मंदिर, 60 वर्ष से ज्यादा पुराना राम मंदिर और राधा-कृष्ण मंदिर हैं। दो सरकारी स्कूल हैं। वार्ड में परदेशीपुरा, अजुनसिंह गौहर नगर, लालगली, गणेश नगर, क्लर्क कालोनी, धनलक्ष्मी अपार्टमेंट, रेडीमेड कांप्लेक्स, इलेक्ट्रानिक कांप्लेक्स, समाज कल्याण परिसर, भगवती नगर, पुराना गौरीनगर और अन्य कालोनियां आती हैं। क्षेत्र में एक पानी की टंकी है। वार्ड में दो सुविधाओं की बड़ी कमी है। पहला खेल गतिविधियां नहीं हैं और दूसरा सरकारी अस्पताल नहीं है।

वार्ड 23 में क्लर्क कालोनी, श्यामनगर और कुछ कालोनियों की स्थिति अच्छी है लेकिन जैसे ही भीतरी कालोनियों में जाते हैं तो पता लगता है कि कई जगह कचरा पड़ा है। दुकानों के सामने अतिक्रमण होने से वाहन चालकों को निकलने में परेशानी होती है। गलियों में वर्षा का पानी भरा है। रहवासियों का कहना है कि वार्ड में सबसे ज्यादा समस्या पीने के पानी की है। पुराने बोरिंग बंद हैं और नर्मदा का पानी एक दिन छोड़कर कुछ मिनट के लिए आता है। बैरवा समाज उद्यान के आसपास कचरा पड़ा होने से भी लोग परेशान हैं। बैकलेन की स्थिति भी खराब है। आसपास के रहवासियों का कहना है कि शहर स्वच्छता में लगातार नंबर वन आ रहा है, लेकिन सर्वे करने वाले अधिकारियों को एक बार बैरवा समाज उद्यान के पास आकर स्थिति देखनी चाहिए। यहां दो जगह कचरे का ढेर लगा है।

रहवासियों का कहना है कि कचरे का बिल हर महीने लिया जा रहा है, लेकिन कचरा नहीं उठाया जा रहा। कालोनियों में शौचालय भी नहीं है, जिससे कई दुकानदार और रहवासी बैकलेन गंदी कर रहे हैं। सड़कों पर गड्ढे हैं। वर्षा में वाहन चालक निकलते हैं तो सड़कों का पानी और कीचड़ दुकानों और घरों तक जाता है। रहवासी नाराज हैं कि वार्ड में कोई सरकारी अस्पताल और खेल मैदान नहीं है। दूसरे वार्ड में जाकर इन सुविधाओं का लाभ लेना पड़ता है। परदेशीपुरा क्षेत्र काफी बड़ा है, लेकिन यहां की कालोनियों की गलियां काफी संकरी हैं।

रहवासी लंबे समय से मांग कर रहे हैं कि कुछ जगह से अतिक्रमण हटाया जाए और सड़कें चौड़ी की जाए। सब्जी और हाथ ठेलों वालों के लिए भी वार्ड में कहीं स्थायी जगह दी जाए। परदेशीपुरा मुख्य रोड पर कई वर्षों से शराब दुकान है। इसका रहवासी कई बार विरोध कर चुके हैं। आसपास के रहवासियों का कहना है कि शाम होने के बाद शराब दुकान के आसपास मुख्य सड़क वाहनों से भर जाती है जिससे यातायात बाधित होता है।

ये पब्लिक है...

हर साल वर्षा का पानी घर के सामने की सड़क पर दो से तीन फीट भर जाता है। इससे बाहर निकलने में परेशानी होती है। आसपास के रहवासी मिलकर इस पानी को स्टार्म वाटर लाइन तक ले जाते हैं।

- शक्ति कोठारी, रहवासी, क्लर्क कालोनी

कई दिन से नल में पानी नहीं आ रहा। निगम ने पेयजल लाइन की मरम्मत के लिए सड़क खोदी, लेकिन कई दिन बाद भी समाधान नहीं हो पाया। अब गड्ढों में वर्षा का पानी भर रहा है।

- शशि चौधरी, रहवासी, क्लर्क कालोनी

सड़क बनाते समय वर्षा के पानी की निकासी का ध्यान नहीं रखा गया। जब भी वर्षा होती है, सड़क पर पानी भर जाता है। कई बार घर के अंदर तक आ जाता है। स्ट्रीट लाइट भी कई दिनों से बंद है।

- देवेंद्र रघुवंशी, रहवासी, क्लर्क कालोनी

अभी तो वर्षा का मौसम शुरू हुआ है, लेकिन घर के आसपास पानी एकत्र होने लगा है। इससे मच्छर हो रहे हैं जिससे बीमार होने का डर बना रहता है। इसे समय-समय पर साफ करते रहना चाहिए।

- दीपिका जैन, रहवासी, क्लर्क कालोनी

बैरवा समाज गार्डन के आसपास कचरा पड़ा रहता है। कचरा गाड़ी भी नहीं आती। आसपास के लोग बैकलेन को गंदा करते हैं। नगर निगम को आसपास के क्षेत्र की साफ-सफाई कर समय-समय पर ध्यान देते रहना चाहिए।

- राजेंद्र बेनवाल, बैरवा समाज कालोनी

पेयजल नहीं मिल रहा है। निजी टैंकर से भी पूर्ति नहीं की जा रही। कचरा साफ नहीं हो रहा, लेकिन बिल नियमित आ रहा है। कालोनी में बार-बार बिजली गुल होने की समस्या भी आ रही है।

- रामस्वरूप चौकसे, परदेशीपुरा रहवासी

और भी हैं समस्याएं

- ज्यादातर कालोनियों में सड़कें संकरी हैं, ऐसे में दुर्घटनाएं होती रहती हैं।

- कई जगह दुकानों के सामने अतिक्रमण हो गया है, जिससे यातायात बाधित होता है।

- लालगली और आसपास के क्षेत्र में भी गर्मी के दिनों में पानी की किल्लत बनी रहती है।

- क्षेत्र में अपराध भी होते रहे हैं। इस कारण रहवासी खुद को पूरी तरह सुरक्षित नहीं मानते।

- अंदर की कालोनियों में सार्वजनिक परिवहन के साधन उपलब्ध नहीं होने से परदेशीपुरा चौराहे तक रहवासियों को पैदल आना पड़ता है।

- सार्वजनिक कम्युनिटी हाल कम होने से कई समाज के लोगों को शादी और अन्य कार्यक्रम करने के लिए जगह नहीं मिल पाती।

- खेल मैदान और अन्य सुविधाएं नहीं होने से लोगों को आसपास की अन्य कालोनियों में जाना पड़ता है।

- मुख्य सड़कों पर कई दिनों तक झाडू नहीं निकाली जाती, जिससे सड़क पर कचरा पड़ा रहता है।

नेता बोले

वार्ड 23 में कई समस्याएं बनी हुई हैं जिनका समाधान सालों से नहीं किया जा रहा। पुराना गौरी नगर, क्लर्क कालोनी एक्सटेंशन, गणेश नगर और अन्य कालोनियों में ड्रेनेज और सड़क की समस्या है। वार्ड में कई पात्र लोग सालों से राशन कार्ड और पेंशन के लिए प्रयास कर रहे हैं लेकिन जनप्रतिनिधियों में गुटबाजी होने से आम लोगों के सामान्य से काम नहीं हो पाते।

- विनोद चौकसे, कांग्रेस नेता

मेरे कार्यकाल में कई काम हुए हैं। सीमेंट की सड़कें बनवाईं। बगीचों की स्थिति बेहतर कराई। फिजियोथेरेपी केंद्र शुरू कराया। आंखों के इलाज के लिए निश्शुल्क सुविधा केंद्र शुरू किया। नाममात्र के शुल्क पर चिकित्सा उपलब्ध कराने के साथ निजी लैब से समझौता कर जांचें करवा रहे हैं। कोरोना महामारी के दौरान छह हजार परिवारों तक राशन पहुंचाया।

- राजकपूर सुनहरे, पूर्व पार्षद

अधिकारी बोले

वार्ड 23 में कई बगीचे हैं। इन्हें नगर निगम ने बहुत व्यवस्थित रखा है। बैकलेन को भी सीमेंट से पक्का किया गया है। इनमें पेंटिंग कराई गई, ताकि यहां कोई गंदगी न फैलाए। अगर किसी जगह से कचरा नहीं उठाए जाने की शिकायत आ रही है तो हम इसे कुछ ही दिन में व्यवस्था बेहतर करेंगे। रहवासियों को भी समझाइश देंगे कि वे अपने आसपास के क्षेत्र को साफ और सुंदर बनाए रखने में सहयोग दें। मुख्य सड़कों पर झाडू भी लगवाई जाएगी और आसपास के दुकानदारों को भी कहा जाएगा कि वे दुकान के सामान को बाहर न आने दें।

- नरेन्द्र कुरील, जोनल अधिकारी, जोन क्रमांक 17

Posted By: Sameer Deshpande

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