Indore News: इंदौर, नईदुनिया प्रतिनिधि। शहर के श्रमिक क्षेत्र में स्थित वार्ड क्रमांक 56 की पहचान स्नेहलतागंज वार्ड के रूप में है। यह वार्ड शहर के स्वर्णिम इतिहास की पहचान रही मालवा, राजकुमार, हुकुमचंद, स्वदेशी, कल्याण और भंडारी मिल से लगा हुआ है। अनंत चतुर्दशी पर निकलने वाले झिलमिल झांकियों के कारवां की तैयारी की रौनक सबसे ज्यादा इस वार्ड में नजर आती है। इस वार्ड में किशनराव उस्ताद व्यायमाशाला व दगडू उस्ताद व्यायाम शाला के साथ ही करीब आठ व्यायामशालाओं का संचालन होता है। यहां निम्न आय वर्ग और मध्यमवर्गीय परिवारों की घनी बसाहट है। इस क्षेत्र में मालवा मिल श्मशान घाट के साथ ही राजकुमार मिल अनाज मंडी और सब्जी मंडी भी लगती है।

वार्ड से लगे सुभाष नगर से विश्रांति चौराहा के बीच के मार्ग के दोनों ओर दुकानें यहां का व्यापारिक क्षेत्र हैं। इन दुकानों का संचालन स्थानीय रहवासियों द्वारा ही किया जाता है। शहर के व्यस्ततम क्षेत्र में वार्ड होने से यहां लोगों की रोजमर्रा का सामान आसपास ही उपलबब्ध हो जाता है। इस क्षेत्र में बंसी प्रेस साईं मंदिर, शिवाजी नगर में राम दरबार, जीवन की फैल में शिव मंदिर और स्नेहलतागंज पंचमुखी गणेश मंदिर भक्तों के बीच आस्था का केंद्र हैं। 100 साल से आस्था का केंद्र सदगरु योगेंद्र शीलनाथ महाराज की तपोभूमि भी है। यह स्थान शीलनाथ कैंप के रूप में जाना जाता है। यहां नाथ संप्रदाय से जुड़े अनुयायी देशभर से आते हैं। यहां बनी उनकी धुनी और शिप्रा मैया का कुंड भी भक्तों के बीच का आस्था का केंद्र है।

20 हजार की मतदाता सूची वाले इस वार्ड में जीवन की फैल, फिरोज गांधी नगर, बंशी प्रेस की चाल, चिकमंगलूर चौराहा, शिवाजी नगर, नयापुरा, स्नेहलतागंज, उषा फाटक एवं चतुर्सीमा में समाहित आबादी का क्षेत्र आता है। इसकी चतुर्सीमा में पूर्व में मालवा मिल चौराहा से शिवाजी नगर तिराहे, स्कीम नंबर 91 एवं राजकुमार तालाब के अलावा रेलवे पटरी, राजकुमार ब्रिज, न्यू सियागंज और उत्तर में कुलकर्णी नगर, शिवाजी नगर चौराहा और मालवा मिल मुक्तिधाम तक का हिस्सा है। इसके अतिरिक्त दक्षिण में न्यू सियागंज से उर्दू स्कूल होते हुए सिख मोहल्ला तिराहा से मेवाती मोहल्ला होते हुए जेल रोड और पश्चिम में जेल रोड, गंजी कंपाउंड, चिमनबाग चौराहा, अहिल्या आश्रम ब्रिज, रेलवे ट्रैक से भंडारी ब्रिज से कुलकर्णी नगर शामिल हैं।

लंबे वक्त तक विकास की राह देख रहा वार्ड क्रमांक 56 अब काफी हद तक व्यवस्थित नजर आने लगा है। लेकिन अभी अव्यवस्थाएं कम नहीं हुई हैं। यहां की सबसे बड़ी समस्या यहां-वहां पसरा कचरा, ड्रेनेज चोक होना और संकरी गलियां में अव्यवस्थित खड़े वाहन हैं। बात अगर मूलभूत सुविधाओं की करें तो यहां सड़कें तो हैं, लेकिन आए दिन किसी न किसी कारण होने वाली खोदाई के बाद उसे दुरुस्त करने में लगने वाला समय परेशानी का कारण बनता है।

इससे बरसात में कीचड़ की समस्या बढ़ जाती है। टापू नगर में होने वाले जल जमाव के चर्चे तो शहरभर में होते रहे हैं। हालांकि अब इसमें राहत मिली है लेकिन राहत इतनी नहीं है कि तारीफ की जाए। तेज वर्षा में यहां जल जमाव की स्थिति बनती है। टापू नगर से लगे जीवन की फैल और फिरोज गांधी नगर में भी ड्रेनेज की समस्या से रहवासियों को आए दिन सामना करना पड़ता है। इसके लिए लोगों को बार-बार निगम अधिकारियों के साथ जनप्रतिनिधियों से भी गुहार लगानी पड़ती है। जीवन की फैल और मारवाड़ी मोहल्ले की संकरी गलियों में भी यहां-वहां गंदगी पसरी हुई है।

कचरा वाहन भी इस ओर आने की तकलीफ कम ही उठाते हैं। साथ ही यहां संकरी गलियों में वाहनों का न घुस पाना मुश्किलें बढ़ा देता है। आगे बढ़ने पर बंसी प्रेस और शिवाजी नगर की भी यही स्थिति है। शिवाजी नगर में खाली मैदान पर गंदगी पसरी हुई है। रहवासियों की शिकायत है कि यहां लोग कचरा फेंक देते हंै। यहां पर एक शौचालय की आवश्यकता भी लंबे समय से महसूस की जा रही है। इसके लिए कई बार जनप्रतिनिधियों से भी गुहार लगाई जा चुकी है लेकिन स्थिति ज्यों की त्यों बनी हुई है। शिवाजी नगर, सिख मोहल्ला, स्नेहलतागंज में डीपी के ढक्कन खुले हैं जो दुर्घटना को आमंत्रण देते हैं।

कई गलियों में नहीं बनी सड़कें, बरसात में आती है दुर्गंध

वार्ड में आने वाले कई मोहल्लों में सड़कें नहीं बनी हैं। इससे बरसात में रहवासियों की परेशानी और भी बढ़ जाती है। इस दौरान जल जमाव और कीचड़ की समस्या बीमारियों का कारण बनती है। इसके अलावा खोदाई के बाद का मलबा पड़ा रहने से आवागमन अवरुद्ध होता है और रहवासी धूल से परेशान होते रहते हैं। कई जगह दुर्गंध ने लोगों का रहना मुश्किल कर दिया है।

इन समस्याओं का करना पड़ता है सामना

- यहां जनसंख्या के मुकाबले डाली गई छोटी ड्रेनेज की लाइन के चलते ड्रेनेज चोक होने की समस्या आए दिन होती रहती है। इसके कारण रहवासियों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ता है।

- जनता क्वार्टर से जीवन की फैल को जोड़ने वाले पुल पर गंदगी पसरी हुई है। इसके चलते राहगीरों को यहां से गुजरने में खासी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है।

- बुधवार को दिन वार्ड में लगने वाले हाट बाजार के चलते ट्रैफिक जाम की स्थिति बनती है। इस दौरान यातायात की सुचारू व्यवस्था की मांग लंबे समय से उठ रही है।

- शिवाजी नगर में गंदा पानी आने की समस्या की शिकायत भी रहवासियों द्वारा की जाती रही है। इसका स्थायी समाधान अब तक नहीं किया गया है।

- मोहल्लों में शाम ढलने के बाद सड़क पर भी कई लोग नशाखोरी करते नजर आ जाते हैं। इनका विरोध करने पर विवाद की स्थिति बनती है।

- शिवाजी नगर में शौचालय बनाए जाने की मांग लंबे समय से उठाई जा रही है। इस मांग पर अब तक अमल नहीं हुआ। इसके लिए रहवासी जनप्रतिनिधियों से कई बार गुहार लगा चुके हैं।

चार पुल बनाए, जल्द हल होगी ड्रेनेज की समस्या

टापू नगर में चार पुल बनवाए गए हैं। इससे वार्ड में आवागमन सुगम हुआ है। टापू नगर में अब जल-जमाव की समस्या काफी हद तक समाप्त हो चुकी है। नालों को गहरा भी किया गया है। जीवन की फैल, शिवाजी नगर, टापू नगर, फिरोज गांधी नगर में ड्रेनेज की समस्या के समाधान के लिए एक करोड़ रुपये के काम होंगे। फरवरी-मार्च तक ड्रेनेज की समस्या से लोगों को राहत मिलेगी। नालियों के लिए भी 20 लाख की राशि स्वीकृत है। 500 लोगों के आयुष्मान कार्ड बनाए गए हैं। जरूरतमंदों को राशन मिले इसकी व्यवस्था को भी सुचारू किया जा रहा है।

- गजानंद गावड़े, पार्षद भाजपा

नहीं मिल रहा साफ पानी, नर्मदा जल के कनेक्शन में मनमानी

वार्ड में लोगों को साफ पानी नहीं मिल रहा है। नर्मदा जल के कनेक्शन देने में भी मनमानी की जा रही है। शिवाजी नगर, नयापुरा, स्नेहलतागंज में गर्मी के मौसम में जल संकट का सामना लोगों को करना पड़ता है। ड्रेनेज चोक होना यहां आम बात है। जिन लोगों को राशन मिलना चाहिए उनका नाम सूची से गायब है। ऐसे लोगों का जोन के चक्कर लगाने पड़ते हैं।

- अधिकेश जाधव, कांग्रेस नेता

अधिकारी बोले

वार्ड में समय-समय पर साफ-सफाई की जाती है। ड्रेनेज चोक होने की शिकायत आने पर अमला पहुंचकर उसका निराकरण भी करता है। कई मोहल्लों में गलियां इतनी संकरी हैं कि वहां कचरा संग्रहण करने वाली गाड़ियां प्रवेश नहीं कर पाती हैं। रहवासियों द्वारा बताई गई समस्याओं को शीघ्र दूर करने के प्रयास किए जाते हैं, जिन समस्याओं की ओर ध्यान दिलाया जा रहा उन्हें भी हल किया जाएगा।

- बसंत गोगड़े जोनल अधिकारी

रहवासियों ने कहा

क्षेत्र में बरसात के दिनों में जल जमाव और कीचड़ की समस्या होती है। हालांकि यह समस्या पुल बनने के बाद कम हुई है। पहले के मुकाबले अब मोहल्ले में साफ-सफाई की व्यवस्था में सुधार हुआ है। हालांकि यहां ड्रेनेज चोक होने की समस्या बनी हुई है।

- पवन साध, रहवासी

क्षेत्र में नियमित साफ-सफाई के प्रबंध किए जाने चाहिए। झाडू लगती है लेकिन इसमें निरंतरता की आवश्यकता है। कई बार गंदगी इतनी हो जाती है कि स्थानीय लोगों को सफाई का जिम्मा संभालना पड़ता है।- दीपचंद बुनकर, रहवासी

स्वास्थ्य सेवाओं के मामले में वार्ड पिछड़ा हुआ है। यहां मौसमजनित रोगों से बचाव के लिए जनजागृति और उपचार शिविर भी लगाए जाने चाहिए। यह घनी बस्तियों वाला इलाका है। यहां उल्टी-दस्त, सर्दी, खांसी और जुकाम जैसी समस्या से लोग समूह में बीमार पड़ते हैं।- तेजराम खटके, रहवासी

यहां ड्रेनेज चोक होने से गलियों में पानी बहता रहता है। इस तरह पानी बहने से कीचड़ होता है। इससे मच्छर-मखियां भिनभिनाती रहती हैं। लोग बीमार पड़ते हैं। यह स्थिति नाले से लगे जीवन की फैल और टापू नगर में अधिक है। - अनिता खटके, रहवासी

क्षेत्र में बिजली के खंभों पर लगी डीपी के गेट खुले हैं। कई के गेट नहीं हैं। यहां छोटे बच्चे खेलते रहते हैं। इन खुली डीपी से अगर कोई दुर्घटना होती है तो इसकी जिम्मेदारी किस पर होगी। इन्हें व्यवस्थित तरीके से बंद किया जाना चाहिए। - सचिन पवार, रहवासी

स्वच्छता में नंबर वन शहर के मुख्य मार्ग और चौराहे जगमगा रहे हैं, लेकिन अभी भीतर की बस्तियों की स्थिति में सुधार नहीं हुआ है। इसमें बड़े स्तर पर प्रयास करने की आवश्यकता है। निगम के पास अब अमला और संसाधन भी है उसका उपयोग होना चाहिए।- सागर गवाने, रहवासी

शिवाजी नगर में गंदा पानी आ रहा है। ड्रेनेज का पानी पीने के पानी में मिल रहा है। इससे लोगांे कोे उल्टी-दस्त जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। पीने के लिए पानी तो स्वच्छ मिलना ही चाहिए। इसके लिए प्रयास होना चाहिए। - विजय कर्दम, रहवासी

पहले के मुकाबले अब वार्ड की स्थिति में सुधार हो रहा है। स्नेहलतागंज में निगम कर्मियों द्वारा साफ-सफाई का प्रबंध किया गया है। यहां पानी की टंकी से नियमित जलप्रदाय हो रहा है। धीरे-धीरे वार्ड में हो रहे काम से स्थिति में सुधार होगा। - पवन लोखंडकार

Posted By: Sameer Deshpande

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