Gold-Silver Market in Indore: इंदौर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। गुरु पुष्य नक्षत्र के साथ गुरुवार से बाजार में दीप पर्व की शुरुआत हो रही है।शुभ मुहुर्त के लिए शहर के बाजार सजधज कर तैयार हैं।महामारी से ऊबर कर बाजार और खरीदार त्योहारी उत्साह से लबरेज नजर आ रहे हैं। सोने और चांदी के घटे दाम शुभ मुहुर्त की इस खरीदारी को लाभ का सौदा भी बना रहे हैं। बुधवार को बाजार में सोने के दाम 425 से 450 रुपये कम हुए।चांदी के दाम करीब 650 रुपये घटे। एक साल पहले से तुलना की जाए तो बीती दीपावली के मुकाबले इस दीपावली के अवसर पर सोना करीब 3000 रुपये प्रति दस ग्राम सस्ता बिक रहा है।

इंदौर के बाजार में गुरुवार को 22 कैरेट सोने (91.6) का दाम करीब 44900 रुपये प्रति दस ग्राम रहा। चांदी चौरसा 65500 रुपये प्रति किलो रही।पिछले साल 28 अक्टूबर को सोना केडबरी 52425 रुपये प्रति दस ग्राम था।सेबी के इंवेस्टर्स ट्रेनर पैनल में शामिल चार्टर्ड अकाउंटेंट सुमितसिंह मोंगिया के अनुसार इस साल शेयर बाजार रिकार्ड ऊंचाई पर रहा।अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल में तेजी भी सोने पर दबाव बना रही है।

इसलिए फिलहाल सोने के दाम सीमित दायरे में ही कारोबार कर रहे हैं। लेकिन ये सच है कि सोना हमेशा से निवेश और महंगाई से मुकाबले का बेहतर विकल्प माना जाता है। अन्य सभी क्षेत्रों में महंगाई तेजी से बढ़ रही है। शेयर बाजार की तेजी थमी और महंगाई का असर दिखते से ही सोने और चांदी में फिर से तेजी का दौर आना तय है। कहा तो ये भी जा रहा है कि यह साल स्टाक मार्केट का रहा तो अगला साल सोने का होगा। ऐसे में ताजा दामों पर खरीदारी निवेशकों को आकर्षित कर रही है।सालभर पहले सोने ने 54 हजार प्रति दस ग्राम के स्तर को हाजर में छुआ था। बहुत बड़ी बात नहीं कि अगले साल फिर से सोना इसी स्तर पर पहुंच जाए।

हर बजट के लिए तैयार

बाजार हर बजट के खरीदार के लिए तैयार है। लाइटवेट ज्वैलरी के साथ कम वजन के सिक्के भी बाजार में हैं। इस बार 1 ग्राम, 5 ग्राम और 10 ग्राम वजन की सोने के सिक्के भारी मात्रा में तैयार किए गए है। इस साल लक्ष्मी-गणेश के चांदी के सिक्कों के साथ ही कई बड़े ज्वेलर्स ने अंतरराष्ट्रीय मार्क और नई डिजाइन में भी सिक्के तैयार किए हैं। ये सिक्के 10 ग्राम, 20 ग्राम, 50 ग्राम और 100 ग्राम वजन में मिलेंगी।

पूरे बाजार में पिछेगा कालीन

गुरुपुष्यनक्षत्र से सराफा बाजार को खास रोशनी के साथ सजाया गया है। दीवाली के तीन दिनों में बाजार में गाड़ियों का प्रवेश बंद कर दिया जाएगा। पूरे बाजार की सड़क पर कालीन बिछाया जाएगा। फूलों से भी खास सजावट होगी। सराफा चौपाटी पर खाने-पीने दुकानें लगाने वाले व्यापारियों को व्यापारियों ने हिदायत दे दी है कि वे अब देर रात को दुकान लगाएंगे। गहनों की दुकाने रात तक खुल रही है। इनके बंद होने के बाद ही चौपाटी सजेगी। पुष्य नक्षत्र पर रात्रीकालिन सराफा चौपाटी और धनतेरस से दीवाली तक तीन दिन भी चौपाटी की दुकानें नहीं लगेगी।

जीएसटी का दौर, मुहुर्त में बिकेंगे शगुन के बही खाते

पुष्य नक्षत्र के लिए शहर में बहीखातों की दुकानें भी सजकर तैयार है।शुभ-लाभ के इस खास दिन और मुहुर्त में व्यापारी वर्ग बही-खाते और कलम दवात की खरीदी करता रहा है। जीएसटी लागू होने के बाद अकाउंटिंग आनलाइन और कम्प्यूटराज्ड हो गई लेकिन बही खातों की खरीदी की परंपरा जारी है। बही खाता व्यापारी विजय कागदी के अनुसार जीएसटी और कम्प्यूटर आधारित अकाउंटिंग के पहले व्यापारी बड़े और भारी बही खरीदते थे। अब मुहुर्त में पूजा के लिए ही बही खरीदा जाता है। कई लोग तो लाल बही की बजाय एक रजिस्टर खरीद लेते हैं। शेष लोग भी लाल रंग का छोटा बही ही खरीद रहे हैं। इस साल कागजों के दाम में वृद्दि के कारण बही के दाम बी 15 से 20 प्रतिशत बढ़ गए हैं। छोटा बही खाता 150 से 200 रुपये में बिक रहा है।

Posted By: Hemant Kumar Upadhyay

NaiDunia Local
NaiDunia Local