LIC IPO : इंदौर। केंद्र सरकार जल्द ही भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) में आईपीओ लाने वाली है। लोगों में इसे लेकर काफी भ्रांतियां हैं। उन्हें लगता है कि एलआईसी भी प्राइवेट में तब्दील हो जाएगा, मगर ऐसा कुछ नहीं होगा। आईपीओ आने से फायदा होगा। इसके तहत अच्छा रिटर्न मिलने की उम्मीद है, जिसमें अभिकर्ता और बीमाधारक दोनों को लाभ मिलेगा। यही बात बीमाधारकों तक पहुंचने की जरूरत है, जो एडवाइजर बेहतर ढंग से कर सकते हैं। यह बात चीफ लाइफ इंश्योरेंस एडवाइजर्स वेलफेयर एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगदीश झंवर ने सोमवार को प्रीतमलाल दुआ सभागृह में कही। वे एलआईसी के एडवाइजरों को ट्रेनिंग देने आए थे। उनका कहना है कि स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के बीस साल पहले आईपीओ आए थे।

फायदा बैंक और लोगों को मिल रहा है। ठीक ऐसा ही केंद्र सरकार एलआईसी के बारे में सोच रही है। झंवर ने कहा कि अभिकर्ताओं का काम सिर्फ बीमा बेचने तक सीमित नहीं है। समय-समय पर बीमाधारकों को फायदा और नई स्कीम भी बताना है। इसके लिए अभिकर्ताओं को निरंतर संपर्क में रहने की जरूरत है।

उन्होंने बताया कि एलआईसी में सरकार की महज पांच फीसदी की हिस्सेदारी है। उसका आईपीओ लाने पर मंथन चल रहा है। बाकी 95 फीसदी हिस्सेदारी सुरक्षित है। आईपीओ आने से एलआईसी की आय में तेजी से बढ़ोतरी होगी। आईपीओ से आने वाली राशि का इस्तेमाल देश के विकास में किया जाएगा। जोनल प्रेसीडेंट गिरिराज गुप्ता और सीडब्ल्यूए ट्रेंड द ट्रेनर के चेयरमैन सीपी हेडा ने भी अपनी बात रखी। संचालन वीरेंद्र सुराना ने किया। आभार राजेश सोनी ने माना।

Posted By: Sandeep Chourey