Indore News: इंदौर, नईदुनिया प्रतिनिधि। भगवान को हम तभी याद करते हैं, जब संकट में फंसते हैं। वसुदेव ने कारागृह में रहते हुए भगवान को याद किया तो उनके बंधन खुल गए। हम संसार में लोगों की नजर में आने के लिए बहुत से प्रयास करते रहते हैं, लेकिन कभी भगवान की नजर में आने के लिए कोई काम नहीं करते। गोवर्धन पूजा भगवान की वह लीला है, जिसमें उन्होंने अहंकार में अंधे हुए राजा इंद्र की आंखें खोल दी थी। अहंकार को तोड़ने की लीला है गोवर्धन पूजा। भगवान की प्रत्येक लीला हमारे कल्याण के लिए ही होती है।

यह बात प. पवन तिवारी ने बड़ा गणपति स्थित हंसदास मठ पर कही। वे श्रद्धा सुमन सेवा समिति के तत्वावधान में चल रही पितृ मोक्षदायी भागवत कथा में संबोधित कर रहे थे। हंस पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर स्वामी रामचरणदास महाराज के सानिध्य एवं परशुराम महासभा के पं. पवन शर्मा और साहित्यकार हरे राम वाजपेयी के विशेष आतिथ्य में गोवर्धन पूजा एवं 56 भोग का उत्सव धूमधाम से मनाया गया।

कथा शुभारंभ के पूर्व व्यासपीठ का पूजन मोहन गोयल, बाबूलाल- गोदावरी गोयल, डा. जूही गोयल आदि ने किया। आयोजन समिति की ओर से मोहनलाल सोनी, हरि अग्रवाल, राजेंद्र गर्ग, डा. चेतन सेठिया, विनय जैन, मुरलीधर धामानी, कमल गुप्ता आदि ने अतिथियों की अगवानी की। कथा में 24 को सुदामा चरित्र के साथ कथा जा समापन होगा। कथा प्रतिदिन दोपहर तीन से शाम सात बजे तक हो रही है।

तर्पण अनुष्ठान जारी - हंसदास मठ पर 600 से अधिक साधकों ने अपने दिवंगत परिजनों के लिए तर्पण अनुष्ठान में भाग लिया। यहां प्रतिदिन देश के शहीदों, स्वतंत्रता सेनानियों, गोमाता एवं होल्कर वंश के शासकों के लिए भी तर्पण किया जा रहा है। प्रारंभ में भगवान हरि विष्णु के पूजन के साथ अनुष्ठान का शुभारंभ हुआ। अतिथियों का स्वागत सीए. सीताराम सोनी, गीता शर्मा, मुरलीधर धामानी, ओमप्रकाश फरक्या, जगमोहन वर्मा, ए.के. पुंडिरक, हनुमान प्रसाद सारड़ीवाल, शंकरलाल वर्मा, राजेन्द्र सोनी आदि ने किया। तर्पण अनुष्ठान प्रतिदिन सुबह 8 से 10 बजे तक हो रहा है। रविवार 25 सितम्बर को सर्वपितृ अमावस्या के उपलक्ष्य में तर्पण के लिए सुबह 8 से 10 बजे तक हंसदास मठ पर विशेष व्यवस्था की जाएगी।

Posted By: Sameer Deshpande

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